1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

एक आत्मघाती गोल और छह गोलियां

बीस साल पहले इसी वर्ल्ड कप के दौरान बंदूकों की छह गोलियों ने कोलंबिया को हिला कर रख दिया था. आंद्रेस एस्कोबार वर्ल्ड कप खेल कर घर लौटे ही थे कि उनकी हत्या कर दी गई.

तारीख थी, 2 जुलाई, 1994. उस वक्त एस्कोबार की उम्र सिर्फ 27 साल थी और वह अपने शहर मेडेलिन के एक बार में वक्त बिता कर लौट रहे थे. बीस साल बाद उनकी फुटबॉल टीम उन्हें इस तरह श्रद्धांजलि दे रही है कि पहली बार क्वार्टर फाइनल में खेल रही है और इस बार उनके सितारे हैं खामेस रोड्रिगेस.

पर एस्कोबार को आज भी भुलाया नहीं जा सका है. छह फुटा डिफेंडर अपने बूटों के साथ हेड का भी शानदार उपयोग जानता था. शुक्रवार को टीम जब क्वार्टर फाइनल में ब्राजील के खिलाफ खेलेगी, तो शायद ज्यादातर कोलंबियाई खिलाड़ियों के जेहन में एस्कोबार घूम रहे होंगे. एस्कोबार होते, तो शायद अपनी टीम के लिए कमेंट्री कर रहे होते, जैसे कि उनके साथी फॉस्टीनो अस्प्रिला, फ्रेडी रिंकन और खोर्गे बरमूडास कर रहे हैं.

उसके बारे में न सोचें

बेमिसाल एस्कोबार ने डिफेंडर लाइन पर जो जगह खाली की थी, बरमूडास ने बरसों उसे भरा. उनकी सलाह है कि खिलाड़ी दो जुलाई, 1994 के बारे में ज्यादा न सोचें, "अच्छे वक्त में लोगों को बुरी बातें नहीं सोचनी चाहिए." हालांकि वह यह भी कहते हैं कि ऐसा करना आसान नहीं क्योंकि एस्कोबार एक बड़ी शख्सियत थे, "हम उसे कभी नहीं भूल सकते कि वह हमारे बीच का ही था. कोलंबिया की हर जीत में कहीं न कहीं उसका भी हिस्सा है. वह जहां भी है, उसे अच्छा लग रहा होगा."

अमेरिका में खेले गए 1994 के वर्ल्ड कप में कोलंबिया को एक बड़ा उम्मीदवार माना जा रहा था. लेकिन टीम ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई. अमेरिका के खिलाफ दूसरे मैच से पहले कोच फ्रांसिस्को मातुराना सिसकते हुए ड्रेसिंग रूम में पहुंचे. उन्हें इस बात का दुख था कि कोलंबिया में टीम की सफलता को लेकर भारी सट्टा लगा है और कुछ खिलाड़ियों को बुरी तरह धमकाया गया है. उस वक्त के स्ट्राइकर अस्प्रिला बताते हैं कि धमकी इस तरह होती थी, "अगर गाब्रिएल गोमेस खेलेगा, तो हम सबको मार दिया जाएगा." कोच और गोमेस इस दबाव को नहीं झेल पाए और उन्होंने खेल रोक दिया.

वर्ल्ड कप के दौरान 22 जून, 1994 को कोलंबिया को अपने मैच में अमेरिका को हराना जरूरी था और समझा जाता है कि उसी दिन एस्कोबार के "मृत्युदंड पर मुहर" लग गई. मैच के दौरान अनुभवी एस्कोबार से दुर्भाग्य से आत्मघाती गोल हो गया. वह अमेरिका के एक पास को बचाना चाहते थे और अपनी टांगें फैला कर उन्होंने गेंद में अड़ाया, जो छिटकते हुए कोलंबिया के ही जाल में जा फंसी. गोलकीपर ऑस्कर कोरडोबा कुछ नहीं कर पाए. कोलंबिया मैच 2-1 से हार गया.

Ermordeter kolumbianischer Fußballspieler Andres Escobar

आंद्रे एस्कोबार (1967-1994)

काफी नहीं रही जीत

बाद में वह स्विट्जरलैंड से 2-0 से जीता लेकिन अगले दौर में नहीं पहुंच पाया. उस वक्त कोलंबिया में ड्रग्स माफिया का बोलबाला था और भारी दबाव में टीम स्वदेश लौटी. एस्कोबार इसके बाद भी छिपे नहीं. एक जुलाई की रात वह अपने शहर मेडेलिन में एक बार में गए. वहां उनका हुमेर्तो मुन्योस से झगड़ा हो गया. समझा जाता है कि मुन्योस ड्रग माफियाओं का अंगरक्षक हुआ करता था. आत्मघाती गोल वाली बात निकली, एस्कोबार झुंझलाए और मुन्योस ने बंदूक निकाल ली.

कहा जाता है कि इसके बाद उसने छह गोलियां एस्कोबार के शरीर में उतार दीं. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि हत्या की वजह एक महिला थी, जो हमलावर के साथ थी और जिसके साथ एस्कोबार फ्लर्ट करने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन सबसे बड़ी थ्योरी यह है कि सट्टेबाजों ने कोलंबिया की अच्छी टीम को देखते हुए करोड़ों का सट्टा लगाया था और आत्मघाती गोल ने उनके सारे समीकरणों को उलट पुलट कर रख दिया. एस्कोबार की हत्या भी इसी से जोड़ कर देखी जाती है.

मुन्योस को 43 साल की सजा मिली लेकिन जेल में अच्छे व्यवहार की वजह से सिर्फ 11 साल में रिहा कर दिया गया. एस्कोबार के बड़े भाई सानतियागो एस्कोबार का कहना है कि वह कभी हत्यारे को माफ नहीं करेंगे. हालांकि उन्हें इस बात का अफसोस है कि इसके बाद भी कोलंबियाई फुटबॉल में हिंसा नहीं थमी. सच्चाई तो यह भी है कि एस्कोबार के शहर में उनकी प्रतिद्वंद्वी टीम आज भी दो जुलाई को जश्न मनाती है.

एजेए/एमजे (डीपीए)