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मनोरंजन

एक अरब यूरो की कलाकृतियां मिली

म्यूनिख में 80 साल के एक आदमी के पुराने मकान में करीब 1500 बेशकीमती पेंटिंग और अन्य कलाकृतियां पाई गई हैं. इनमें पिकासो और माटीस जैसे महान कलाकारों की कलाकृतियां शामिल हैं.

इन कलाकृतियों की कीमत एक अरब यूरो आंकी जा रही है. कोर्नेलियुस गुर्लिट के घर से बरामद इस गुप्त कोष में पिकासो, माटीस, मार्क शगाल, एमिल नोल्डे, फ्रांज मार्क, माक्स बेकमन, पॉल क्ले, ऑस्कर कोकोश्का, एर्न्स्ट लूडविग किर्षनर और माक्स लीबरमन की कलाकृतियां मौजूद है. पिछले कुछ साल में अपने गुजर बसर के लिए गुर्लिट ने इनमें से कुछ काम बेच भी दिए. माना जा रहा है कि इनका पता तो बवेरियाई कस्टम विभाग को दो साल पहले लग गया था लेकिन तब इस बात को छिपाकर रखा गया.

बरामद हुई कलाकृतियों को नाजियों ने तत्कालीन कला संग्राहकों से चुराया था. इन्हें कला संग्राहक हिल्डरब्रांड गुर्लिट ने 1930 और 1940 के दशक में उनसे खरीद लिया था. 2011 में पुलिस ने उन्हें गुर्लिट के 80 साल के बेटे कोर्नेलियुस गुर्लिट के घर से हासिल किया. उन पर टैक्स में घपले का आरोप था और इसी सिलसिले में पुलिस ने उनके घर की तलाशी ली थी.

1933 से 1945 के बीच नाजियों ने बड़ी संख्या में कलाकृतियों को जब्त किया. यहूदी कला संग्राहकों को ये कलाकृतियां सस्ते दामों में बेचने को मजबूर किया गया.

50 सालों तक गुप्त

इस खबर को आम करने वाली फोकस पत्रिका के अनुसार गुर्लिट ने ये पेंटिंग्स उस समय सस्ते दामों में खरीद कर अपने बेटे को दे दी थीं. ये पेंटिंग्स तब से करीब 50 साल तक उनके घर की एक अंधेरी कोठरी में लकड़ी की अलमारियों में रखी रहीं. कभी कभार अपने खर्च के लिए वह इनमें से कुछ पेंटिंग बेचते भी रहे.

कुछ साल पहले स्विट्जरलैंड से म्यूनिख यात्रा के दौरान अधिकारियों ने उन्हें अघोषित रकम ले जाते हुए पकड़ा. 2011 में आगे की तहकीकात के दौरान उनके घर की तलाशी ली गई, उस दौरान ये पेंटिंग्स बरामद हुईं. बर्लिन के कला इतिहासकारों को इनकी कीमत आंकने के काम में लगाया गया.

जर्मन कानून के अनुसार नाजियों द्वारा जितनी कला जब्त की गई थी, उसे उनके वास्तविक मालिकों या उनके वंशजों को सौंप देने का नियम है. 1940 से 1944 के बीच जर्मन सेना ने फ्रांस में यहूदियों के घरों से करीब एक लाख पेंटिंग्स और अन्य कलाकृतियां जब्त की थीं. अब तक ऐसी हजारों कलाकृतियां उनके मालिकों के परिवारों को वापस की जा चुकी हैं. लेकिन अभी भी काफी बाकी हैं. 2007 में जर्मन विशेषज्ञों ने लूटी गई कला पर एक किताब छापी थी जिसमें कहा गया था कि बड़े कलाकारों की हजारों पेंटिंग्स और कई छोटे कलाकारों की कलाकृतियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है.

एसएफ/ एएम (एएफपी,डीपीए)

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