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फीडबैक

'एक अद्भुत शो है मंथन'

'डीडब्ल्यू की वेबसाइट बहुत ही आकर्षक तथा उपयोगी है जिस वजह से हमें कभी ये महसूस ही नहीं हुआ कि अब हम रेडियो नहीं सुन पा रहे हैं', जानिए पाठको ने और क्या क्या लिखा है अपनी प्रतिक्रियाओं मे.

स्मार्ट सिटी सांटांडेयर - आपकी यह रिपोर्ट पढ़कर बहुत अच्छा लगा. मैं इसी रिपोर्ट को इंग्लिश सेवा के स्पेक्ट्रम कार्यक्रम में सुन चुका था. आपका यह अंदाज अच्छा है कि आप हर मंथन में स्पेक्ट्रम से दिलचस्प कार्यक्रम को हमारे लिए पेश करते हैं. यूरो जोन में लोगों के लिए विकसित की हुई टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल हो रहा है. एशियाई देशो के बड़े बड़े नामों वाले संगठन हैं किन्तु ऐसी पहल ना किसी ने की और न किसी की इच्छाशक्ति है. बस सब अपने झगड़ो में ही उलझे हैं.

मनोज कामत, पुणे, महाराष्ट्र

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नेपाल में हिंदी नहीं चीनी - भारत और नेपाल के रिश्ते केवल भाषा के आधार पर ही नहीं है, बल्कि इसका आधार लंबी सांस्कृतिक परंपरा रही है. हालांकि यह सही है कि भाषा इसका एक घटक अवश्य है.

भारतीय भाषाओं और नेपाली भाषा का आदि स्रोत एक ही रहा है, लेकिन इसके बावजूद नेपाल के कुछ सुदूर पहाड़ी-आदिवासी बाशिंदों की अपनी अलग भाषाएं हैं. नेपाल में बसे कई भारतीयों को भी व्यापार के सिलसिले में चीन आना-जाना पड़ता है. वे भी नेपाली और चीनी भाषा समझ-बोल लेते हैं. इसका यह मतलब नहीं है कि वे अपनी संस्कृति, अपनी परंपराओं से दूर हो गए हैं. आर्थिक बदलाव का दौर अल्पकालीन होता है. पैसे कमाने के लिए मैंडरीन सीखने में कोई बुराई नहीं है. इससे भारत-नेपाल के दीर्घकालीन सांस्कृतिक रिश्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है.

माधव शर्मा, एसएनके स्कूल, राजकोट, गुजरात

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प्रियदर्शिनी रेडियो लिसनर्स क्लब के सदस्यों ने स्थानीय मिडिल स्कूल, प्राइमरी हेल्थ सेंटर और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ने सामूहिक रूप से 11 जुलाई को विश्व जनता दिवस के अवसर पर फैमिली प्लानिंग के लिए रैली निकाली, जिसमें लोगो को आबादी पर नियंत्रण के उपाय और उसकी वृद्धि से होने वाले खतरे पर जानकारी दी गई. इस रैली का स्लोगन था, "हम दो हमारे दो ".

डा. हेमंत कुमार, प्रियदर्शिनी रेडियो लिस्नर्स क्लब, भागलपुर, बिहार

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बहुत दिनों से पत्र न लिख पाने के कारण आप से माफ़ी मांगना चाहता हूं. डीडब्ल्यू की वेबसाइट बहुत ही आकर्षक तथा उपयोगी है जिस वजह से हमको कभी ये महसूस ही नहीं होता है कि अब हम रेडियो नहीं सुन पा रहे हैं. लेकिन आपको उन श्रोताओं पर भी ध्यान देना होगा जो कि अब भी इंटरनेट की पहुंच से दूर हैं क्योंकि मोबाइल साइट पर दी जाने वाली सामग्री अपर्याप्त है तथा कई मोबाइल ब्राउजर पर पूरी तरह से खुलते भी नही. कृपया आप इस ओर भी ध्यान दे.

गोविंद त्रिपाठी, उरई, उत्तर प्रदेश

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आपका शो मंथन वास्तव में एक अद्भुत शो है. आजकल डीडी नेशनल पर इस तरह के जानकारी भरे शो दुर्लभ ही हैं. आपके शो ने तो इसमें अनूठापन सा ला दिया है. मुझे मंथन बहुत पसंद है. आप कृपया इसे जारी रखे.

स्मृति, चंडीगढ, ईमेल से

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एक इंजीनियरिंग का छात्र हूं. मुझे आपका शो मंथन बहुत ही पसंद है. मेरा आपसे अनुरोध है कि इस प्रोग्राम को एक घंटे का कर देना चाहिए. क्या आप मुझे बता सकते हैं कि मंथन के वीडियो कहां से डाऊनलोड कर सकता हूं. एक और अनुरोध, मैं चाहता हूं कि आप इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार की जानकारी के आधार पर भी एक एपिसोड प्रस्तुत करे.

दीपक वैद्य, ईमेल से

- दीपकजी, मंथन के सभी वीडियो http://www.youtube.com/user/DeutscheWelleHindi पर क्लिक कर देख सकते हैं.

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संकलनः विनोद चड्ढा

संपादनः आभा मोंढे

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