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जर्मन चुनाव

'एंडरसन पर कार्रवाई न होने का आश्वासन था'

अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक का कहना है कि भारत ने आश्वस्त किया था कि यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वॉरेन एंडरसन के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. एंडरसन को भारत से भगाने के आरोप पर सवालों में घिरी है कांग्रेस.

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वॉरेन एंडरसन

1984 में गॉर्डन स्ट्रीब अमेरिकी दूतावास में वरिष्ठ राजनयिक के रूप में कार्यरत थे. भोपाल गैस कांड के बाद वॉरेन एंडरसन भारत आना चाहते थे और स्ट्रीब के मुताबिक अमेरिका ने भारत से आश्वासन मांगा था कि एंडरसन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद इस मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी या फिर विदेश मंत्री से नहीं मिले.

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स्ट्रीब का कहना है कि अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया था कि एंडरसन को भारत आने दिया जाए और फिर उनकी सुरक्षित वापसी हो और यह अनुरोध सिर्फ एक बार उसी यात्रा के लिए किया गया. स्ट्रीब ने बताया कि यूनियन कार्बाइड ने दिल्ली में अमेरिकी दूतावास से संपर्क साधा और कहा कि एंडरसन स्थिति का जायजा लेने भारत आना चाहते हैं. एंडरसन दिखाना चाहते थे कि वह पीड़ितों के लिए संवेदनशील हैं.

गॉर्डन स्ट्रीब ने भारतीय विदेश मंत्रालय से बात की और एंडरसन को भारत आने देने, आजादी से घूमने देने और बिना किसी परेशानी के अमेरिका वापस आने देने का आग्रह किया.

"विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि भारत सरकार इस बात के लिए राजी हो गई कि एंडरसन भारत आ सकते हैं. उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न करने का भरोसा भी दिया गया. यह जानकर हमने एंडरसन को भारत जाने के लिए कह दिया."

स्ट्रीब का कहना है कि एंडरसन की यात्रा के समय चिंता बनी हुई थी कि एंडरसन के खिलाफ कहीं कार्रवाई शुरू न हो जाए क्योंकि उस समय माहौल के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता था. इसलिए वह एंडरसन के खिलाफ कार्रवाई न होने देने का आश्वासन चाहते थे.

सात दिसम्बर 1984 को एंडरसन जब मध्य प्रदेश पहुंचे तो स्थानीय प्रशासन ने कुछ घंटों के लिए उन्हें गिरफ्तारी में ले लिया. स्ट्रीब ने उस दिन को याद करते हुए बताया, "हमें पता लगा कि एंडरसन को गिरफ्तार कर यूनियन कार्बाइड के गेस्ट हाउस में रखा गया है. एंडरसन को वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी."

यह जानने के बाद उन्होंने फिर विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और उस आश्वासन के बारे में याद दिलाया. स्ट्रीब भारत सरकार से हस्तक्षेप चाहते थे.

स्ट्रीब के मुताबिक उनके अनुरोध के बाद एंडरसन को जमानत पर छोड़ा गया, विमान में भोपाल से दिल्ली लाया गया और फिर वह अमेरिका के रवाना हो गए. स्ट्रीब ने साफ कर दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच भविष्य में किसी कानूनी कार्रवाई की बात नहीं हुई थी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: एम गोपालकृष्णन

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