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खेल

ऊंचाई पर अकेलापन हैः साइना

साइना नेहवाल बैडमिंटन की दुनिया में बड़ा धमाल कर रही हैं और सुर्खियां बटोर रही हैं. बाहर से उनकी जिंदगी जितनी भड़कीली दिखती है अंदर से उसमें खालीपन भी बहुत है.

लंदन ओलंपिक में कांस्य विजेता ने कहा कि कठिन चुनौती का सामना करने के बाद जब चैम्पियन बनते हैं तो शीर्ष पर अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है. साइना ने कहा, "पीछे मुड़ कर देखती हूं तो महसूस होता है कि चैम्पियन होना भी कितना मुश्किल होता है, आप ऊंचाई पर अकेले होते हैं."

दुनिया भर के बैडमिंटन खिलाड़ियों की रैंकिंग में तीसरे नंबर पर मौजूद साइना हालांकि यह भी मानती है कि हर दिन की व्यस्तता उन्हें अकेलापन महसूस करने के लिए ज्यादा मौका नहीं देती. साइना नेहवाल ने कहा, "आपके पास अकेलेपन के बारे में सोचने के लिए वक्त नहीं होता. आपको ट्रेनिंग, खाने, सोने और फिर से जगने के लिए वक्त निकालना होता है. इन सब के बाद बुरा महसूस करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता."

साइना ने कहा कि ऐसा नहीं कि आप बिल्कुल अकेले होते हैं, "आपके मां बाप होते हैं जो आपका साथ देते हैं, आपकी मदद करने के लिए आपके दोस्त होते हैं, आपको ट्रेनिंग देने के लिए कोच है. मैने जो कुर्बानियां दीं, उन्हीं की वजह से आज मैं कुछ बन पाई हूं." यह बात कई बार पहले भी सामने आ चुकी है कि साइना नेहवाल को आईस क्रीम और मां के हाथ के बने आलू के पराठे बहुत पसंद है.

साइना जब बैडमिंटन के मुकाबले जीत कर आती हैं तो उसका जश्न कैसे मनाती हैं. 22 साल की हैदराबादी बाला साइना ने बताया, "मैं तो रविवार को देर तक सोती हूं." साइना ने बताया कि वह थोडी रिजर्व रहती हैं और पार्टियों में जाना पसंद नहीं करतीं. हालांकि उन्हें फिल्म देखने, जैकेट, जूते और गैजेट की खरीदारी करना और टेनिस देखना खूब पसंद है. चीन के सुपर सीरीज फाइनल के लिए फिलहाल शेन्जेन में मौजूद साइना का संडे इन सब के बीच कैसे बीत जाता है, उन्हें खुद भी पता नहीं चलता.

एनआर/एमजी(पीटीआई)

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