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मनोरंजन

उपन्यास या अबूझ पहेली?

वाशिंगटन में एक बार फिर अटकलों का बाज़ार गर्म है. राजनीतिक हल्कों में, अनौपचारिक बैठकों में, कॉफ़ी की चुस्कियों पर एक ही सवाल पूछा जा रहा है. किसने लिखा है यह उपन्यास? कौन है लेखक?

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जवाब वही, जो चर्चित पुस्तक का शीर्षक है. अंग्रेज़ी का अक्षर 'O'. जिसे शून्य , ज़ीरो के अर्थ में भी पढ़ा या लिखा जाता है. यानी इस सवाल का जवाब 'गोल' है कि गोल अक्षर के शीर्षक वाली इस पुस्तक का रचनाकार कौन है. इस उपन्यास का पूरा नाम है 'ओ: ए प्रैज़िडैंशियल नॉवल'. मज़े की बात यह है कि यह पुस्तक अभी तक बाज़ार में आई भी नहीं है. उसे 25 जनवरी को जारी करना तय किया गया है.

लेकिन ज़रा चर्चा इस संबंध में कि यह पुस्तक है किस बारे में. हो सकता है, आप में से कुछ ने 'ओ' नाम की इस पुस्तक के विषय के बारे में यह सही अनुमान लगा लिया हो कि यह अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में है. जैसा कि आप जानते हैं, 2012 का चुनाव, बस, पास ही आ पहुंचा है. जी हां, यह उपन्यास अमरीकी राष्ट्रपति के आने वाले चुनाव के बारे में ही है.

उपन्यास का कथानक

कहानी अब से कुछ महीनों के बाद शुरु होती है. देश की अर्थव्यवस्था धीर-धीरे फिर सिर उठाने लगी है. अफ़ग़ानिस्तान का युद्ध जारी है, और पार्टियों के चुनावी कार्यकर्ता अपनी मोर्चाबंदियां संभाल रहे हैं. और यहां से शुरू होता है राजनीतिक उठापटक और उसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों के दांवपेच का सिलसिला, चुनाव-अभियान में इस्तेमाल की जाने वाली जुगतों का चक्रव्यूह.

ओबामा तो कहानी के केंद्र में हैं ही. अटकलें इसे लेकर भी लगाई जा रही हैं कि उपन्यास के और कौन से पात्र ऐसे हैं, जिन्हें वॉशिंग्टन के असली चरित्रों के रूप में पहचाना जा स्कता है. कम से कम एक पात्र के बारे में कोई संदेह दिखाई नहीं देता. ओबामा के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार टॉम मॉरिसन के बारे में, जो एक हद तक पिछले चुनाव के रिपब्लिकन प्रत्याशी जॉन मैकेन पर आधारित है, हालांकि कहा जा रहा है कि मॉरिसन में कुछ बातें 2008 के एक और उमीदवार मिट रौम्नी की भी हैं. और हां, पिछले चुनाव की, उपराष्ट्रपतिपद की रिपब्लिकन उम्मीदवार सैरा पेलिन अपने असली नाम से इस उपन्यास में मौजूद हैं, हालांकि उपन्यास में वह चुनाव नहीं लड़ रही हैं. एक-दो और भी पात्रों में भी कुछ जाने हुए लोगों की पहचान कर ली गई है. अगर पहचान नहीं हो पा रही है, तो उपन्यास के लेखक की, जो सवाल एक बड़े प्रश्नचिह्न के रूप में वॉशिंग्टन के जानकारों को चिढ़ाता सा लग रहा है.

क्लिंटन पर भी उपन्यास

यह पसोपेश 1996 की ऐसी ही सनसनीखेज़ घटना की याद दिलाती है, जब एक अज्ञात लेखक के नाम से, व्हाइट हाउस के लिए बिल क्लिंटन के पहले चुनाव की कहानी को कल्पना में पिरो कर एक उपन्यास के रूप में प्रस्तुत किया गया था. उस समय निहायत ही लोकप्रिय हुआ 'प्राइमरी कलर्ज़' सैक्स और राजनीतिक दांवपेच की मसालेदार, लेकिन यथार्थ कहानी थी. यह सवाल तब भी एक लंबे समय तक पूछा जाता रहा कि कौन है, जिसने राजनीति के अखाड़े की इतनी यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत की है. एक के बाद एक कई नाम गिनाए गए. आख़िर रहस्य सात महीने बाद खुला. 'प्राइमरी कलर्ज़' के लेखक थे, जाने-माने पत्रकार जो क्लाइन, जो,ज़ाहिर है, उसके बाद और भी जाने-पहचाने हो गए.

इस नए उपन्यास के लेखक के बारे में प्रकाशक साइमन ऐंड शूस्टर ने ख़ासे रहस्यमय रूप से एक सुराग़ ज़रूर दिया है. यह कहकर कि 'जिसने यह किताब लिखी है, वह बराक ओबामा के साथ एक ही कमरे में उठता-बैठता रहा है.' ज़ाहिर है, इस रहस्य में लपेटकर किताब को जमकर बेचने की योजना है, जिसके सफल न होने का कोई कारण नहीं है.

तो पुस्तक के बारे में उसके जारी किए जाने के बाद काफ़ी कुछ सुनने को मिलेगा. लेकिन फ़िलहाल उसके लेखक का नाम किसी जासूसी उपन्यास की अनसुलझी पहेली की तरह हर किसी के दिमाग़ को गुदगुदा रहा है. कौन है 'O' का रचनाकार, जो अंदर के भेद जानता है? इस तरह अंग्रेज़ी का अक्षर 'O' लोगों के मन में दरअसल '?' बन गया है. ज़ाहिर है, हमारे मन में भी. हमें भी जवाब की पूरी शिद्दत से तलाश है. और जैसे ही यह पहेली सुलझेगी, हम जवाब आप तक पहुंचाने में देर नहीं लगाएंगे. वादा रहा.

लेखक गुलशन मधुर, वाशिंगटन

संपादन उज्ज्वल भट्टाचार्य

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