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दुनिया

उत्तर कोरिया में तेज रफ्तार से बढ़ी अर्थव्यवस्था

दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक के अनुसार उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था 2016 में बीते 17 सालों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ी है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में जकड़े होने के बावजूद इस देश ने तेज आर्थिक विकास किया है.

बैंक ऑफ कोरिया का कहना है कि बीते साल उत्तर कोरिया की जीडीपी में 3.9 फीसदी का इजाफा हुआ है. मुख्य रूप से खनन और ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतरी से विकास दर तेज हुआ है. इससे तेज सबसे तेज विकास दर 1999 में दर्ज की गयी थी जो 6.1 फीसदी थी. उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा कारोबारी साझीदार चीन है. 2013 में चीन के साथ कारोबार 11.8 फीसदी बढ़ा था. हालांकि कोरिया में प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय अब भी महज 1,342 डॉलर है जो पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के मुकाबले में महज 5 फीसदी ही है.
उत्तर कोरिया अपने आर्थिक आंकड़े जारी नहीं करता है. बैंक ऑफ कोरिया 1991 से ही हर साल सरकारी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर जीडीपी के आंकड़े जारी करता है. इन एजेंसियों में दक्षिण कोरिया का एकीकरण मंत्रालय और राष्ट्रीय खुफिया सेवा शामिल है. इन अनुमानों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय संगठन और रिसर्च कर रहे लोग करते है.

उत्तर कोरिया पर 2006 से ही संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है. उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल, पांच परमाणु परीक्षण और दो लंबी दूरी की मिसाइल दागने के बाद सुरक्षा परिषद ने कड़े कदम उठाए हैं.

मिसाइल से विकास

माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के भारी आर्थिक विकास के पीछे देश का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रकम है. क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी जीडीपी के विकास में शामिल किया जाता है. बैंक ऑफ कोरिया के अधिकारी शिन सेउंग चेऑल का कहना है कि उत्तर कोरिया ने 2016 में बिजली उत्पादन बढ़ाया है हालांकि वो ये बताने में नाकाम रहे कि क्या ऐसा परमाणु परीक्षणों के कारण हुआ है.

इसी साल फरवरी में चीन ने उत्तर कोरिया से कोयलों के आयात पर रोक लगा दी. इसकी वजह से उत्तर कोरिया का सबसे अहम निर्यात बंद हो गया. चीन उत्तर कोरिया को तेल की सप्लाई रोकने पर भी विचार कर रहा है. अमेरिका उन चीनी कंपनियों और बैंकों पर नए प्रतिबंध लगा रहा है जो उत्तर कोरिया के साथ कारोबार करते हैं. अमेरिका चीन और रूस को उत्तर कोरिया के खिलाफ नये प्रतिबंधों के लिए तैयार करना चाहता है. हाल ही में आईसीबीएम का परीक्षण कर उत्तर कोरिया ने अमेरिका की नाराजगी और बढ़ा दी है.

कोरियाई ट्रेड इनवेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी कोटरा के मुताबिक 2016 में उत्तर कोरिया के कुल व्यापार का 92.5 फीसदी चीन के साथ हुआ. इस साल कोयले के निर्यात पर लगी चीन की पाबंदी का असर उत्तर कोरिया पर जरूरी होगा क्योंकि इसे छिपा कर भी नहीं ले जाया जा सकता. 

बैंक के अधिकारियों ने इस पर कुछ कहने से मना कर दिया कि कोयले के निर्यात पर रोक और कड़े प्रतिबंधों का 2017 में उत्तर कोरिया के कारोबार पर क्या असर होगा. संयुक्त राष्ट्र की फूड एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि उत्तर कोरिया 2001 के बाद आए सबसे भयानक सूखे की चपेट में है और वहां खाने पीने की चीजों की भारी किल्लत है. हालांकि कुछ जानकार ये भी कह रहे हैं कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी की सूखे का असर फसलों पर क्या होगा.

दोनों कोरिया में भारी अंतर

बैंक ऑफ कोरिया के आंकड़ों के अनुसार 2016 में उत्तर कोरिया का जीडीपी 28.5 अरब डॉलर के बराबर था. ये दक्षिण कोरिया की जीडीपी 1340 अरब डॉलर की तुलना में बहुत ही कम है. उत्तर कोरिया की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में खनन और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हिस्सा है. पिछले साल के आंकड़ों के हिसाब से 33.2 प्रतिशत. दक्षिण कोरिया को छोड़कर दूसरे देशों के साथ उत्तर कोरिया का कुल निर्यात पिछले साल मछली उत्पादों की भारी बिक्री के कारण 4.6 प्रतिशत बढ़कर 2.82 अरब डॉलर हो गया.

इस अवधि में उत्तर कोरिया द्वारा आयात किये जाने वाले मालों के मूल्यों में भी वृद्धि हुई. प्लांट प्रोडक्ट और टेक्सटाइल्स की खरीद की वजह से उत्तर कोरिया का आयात 4.8 प्रतिशत बढ़कर 2.73 अरब डॉलर हो गया. हालांकि दोनों कोरिया का आपसी कारोबार पिछले साल संयुक्त औद्योगिक जोन कायसोंग को उत्तर कोरिया के रॉकेट टेस्ट के बाद बंद किये जाने के कारण 87.7 प्रतिशत गिर गया.

एनआर/एमजे (रॉयटर्स)

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