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दुनिया

उत्तर कोरिया ने फिर दागी मिसाइल

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात के ठीक पहले उत्तर कोरिया की ओर से बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया गया है. दक्षिण कोरियाई मीडिया ने बताया है कि मिसाइल जापानी समुद्री क्षेत्र में 60 किमी अंदर तक गई.

दक्षिण कोरियाई मीडिया का दावा है कि उत्तर कोरिया ने जापान के समुद्री क्षेत्र में एक बैलेस्टिक मिसाइल दागी है. राजधानी सोल की ओर से जारी बयान में कहा गया, "मिसाइल को बुधवार की सुबह पूर्वी तटीय शहर सिंपो से छोड़ा गया था और मिसाइल ने करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय की. फिलहाल दक्षिण कोरिया और अमेरिका इसके उड़ान मार्ग का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मिसाइल के प्रकार का ठीक पता चल सके." बयान के मुताबिक, सेना उत्तरी कोरिया के ऐसे उत्तेजक कदमों पर नजर बनाये हुये है, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त कर दी गई है.

अमेरिकी सेना के मुताबिक इस मिसाइल को सिंपो से दागा गया है और शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह केएन-15 मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल रही होगी. केएन-15 नामक मिसाइल में ठोस ईंधन (सॉलिड फ्यूल) का प्रयोग होता है लेकिन इसके प्रक्षेपण में समय और तैयारी काफी कम लगती है, जिसके चलते इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. 

जापान का विरोध

जापान ने बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च की पुष्टि करते हुये उत्तर कोरिया के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है और कहा कि वह उत्तर कोरिया के उत्तेजक कदमों को बर्दाश्त नहीं करेगा. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस मिसाइल परीक्षण की कड़ी निंदा की. आबे ने कहा कि यह जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा को भड़काना और उस पर हमला करना है और इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी स्थिति की समीक्षा के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की एक बैठक बुलाई है.

चीन की प्रतिक्रिया

चीन के मुताबिक उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च का चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की आगामी मुलाकात से कोई संबंध नहीं है. चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में सभी पार्टियों को इस पर संयम बरतने के लिये कहा गया है ताकि कोरियाई प्रायद्वीप की इस गहमागहमी को बढ़ने से रोका जा सके.

अमेरिका अकेला ही काफी

ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात से कुछ दिन पहले अमेरिका ने एक बयान जारी कर रहा था कि उत्तर कोरिया से निपटने में अगर चीन उसकी मदद नहीं करेगा तब भी वह अकेले सक्षम है. हालांकि अमेरिका विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई मिसाइल कि पुष्टि अवश्य की है. टिलरसन ने कहा कि अमेरिका की ओर से बहुत कुछ उत्तर कोरिया को लेकर कहा जा चुका है.

दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेना के संयुक्त अभ्यास के विरोध में पहले भी उत्तर कोरिया की ओर से बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण किया गया था.

एए/आरपी (रॉयटर्स,एएफपी,डीपीए,एपी)

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