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दुनिया

उत्तर कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण

जब दुनिया के बड़े देश इस हफ़्ते जी20 की बैठक में जमा होंगे तब उनके सामने चर्चा के लिए उत्तर कोरिया का हथियार कार्यक्रम भी होगा. उत्तर कोरिया ने फिर परीक्षण कर जी 20 के सदस्यों की चुनौती बढ़ा दी है.

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अब बैलिस्टिक मिसाइल...

उत्तर कोरिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा किया है. एक विशेषज्ञ का कहना है कि ये मिसाइल अमरीका की सीमा तक मार करने में सक्षम है. मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब जी 20 की जर्मनी के हैम्बर्ग में बैठक होने वाली है जिसमें सदस्य देश उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम पर भी चर्चा करेंगे. उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ ही अमरीका और दक्षिण कोरिया के एकतरफा प्रतिबंधों को नजरअंदाज करता है.

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक ये परीक्षण देश के नेता किम जोंग उन के आदेश और निगरानी में हुआ. उत्तर कोरियाई मीडिया का कहना है कि परीक्षण में रॉकेट ने 39 मिनट की उड़ान भरी और और 2802 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाकर 933 किलोमीटर की दूरी तय की. 

उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके पास दुनिया के किसी भी कोने में मिसाइल से हमला करने की क्षमता है. इस बीच दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है. उनका कहना है कि मिसाइल इंटरमीडिएट रेंज वाली मानी जा रही है लेकिन सेना इस बात की भी पड़ताल करने में जुटी है कि क्या ये इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल थी.

उधर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि वो चीन और रूस के राष्ट्रपतियों से कहेंगे कि उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम को रोकने में ज्यादा सकारात्मक भूमिका निभाएं. आबे ने पत्रकारों से कहा, "दुनिया के नेता जी20 की बैठक में जमा होंगे. मैं उत्तर कोरिया के मसले पर अंततराष्ट्रीय समुदाय से साथ आने की मजबूत अपील करना चाहूंगा."

इससे पहले सोमवार को जापान ने ये भी कहा था कि उत्तर कोरिया के मसले पर अमरीका, दक्षिण कोरिया और जापान जी 20 सम्मेलन के दौरान एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. 7-8 जुलाई को जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाली इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी रहेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई परीक्षण पर अपनी प्रतिक्रिया ट्वीटर पर दी है.

ट्रंप ने लिखा है. "उत्तर कोरिया ने फिर मिसाइल लॉन्च किया है. क्या इस इंसान के पास अपनी जिंदगी में कुछ बेहतर करने को नहीं है? ये यकीन करना मुश्किल है कि दक्षिण कोरिया और जापान इसे ज्यादा समय तक सहन करेंगे. शायद चीन, उत्तर कोरिया पर मजबूत दबाव बना सके और ये सब हमेशा के लिए खत्म हो."

न्यूयॉर्क टाइम्स ने व्हाइट हाउस के अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से टेलिफोन पर चर्चा की है जिसमें उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए अकेले ही कदम उठाने की बात कहा. उधर चीन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के दावे के बाद सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

उत्तर कोरिया इस साल की शुरूआत से ही लगातार परीक्षण कर रहा है. दक्षिण कोरिया में नए राष्ट्रपति के पद संभालने के बाद उसने छह बार परीक्षण किए हैं. जानकारों का कहना है कि परमाणु हथियारों से लैस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में सालों लगेंगे. हालांकि उत्तर कोरिया इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइलें भी तैयार करने में जुटा है जो प्रशांत क्षेत्र में अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकती हैं. इससे पहले उत्तर कोरिया ने 8 जून को जमीन से समुद्र में मार करने वाली क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था.  

अमरीका की यूनियन ऑफ कंसर्न्ड साइंटिस्ट्स के ग्लोबल सिक्योरिटी प्रोग्राम के सह निदेशक डेविड राइट का कहना है कि मिसाइल के उड़ान समय और तय की गई दूरी से पता चलता है कि इसे बहुत ज्यादा ऊंचाई वाले प्रक्षेपक से दागा गया. अगर इसे मानक प्रक्षेपक से दागा जाए तो ये 6700 किलोमीटर तक जा सकता है. डेविड राइट ने कहा है, "इस रेंज की मिसाइल अमरीका के निचले 48 राज्यों या हवाई द्वीप तक तो नहीं पहुंचेगी लेकिन ये अलास्का तक जरूर जा सकती है."

एनआर/एमजे (रॉयटर्स,डीपीए)

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