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दुनिया

उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ मिसाइल दागी

उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ एक मध्यम दूरी की मिसाइल दागी है. पिछले दो हफ्तों में यह दूसरा मौका है जब उत्तर कोरिया ने इस तरह का कदम उठाया है. संयुक्त राष्ट्र ने आपात बैठक बुलायी है.

एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने जापान को धमकी दी थी. जापान ने भी उत्तर कोरिया पर नये प्रतिबंध लगाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कदम का समर्थन किया है और इसी बात से उत्तर कोरिया के नेता खफा हैं. जापान की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने जो मिसाइल दागी वह जापान के होक्काइदो इलाके के ऊपर से गुजरी और फिर प्रशांत महासागर में जा गिरी. गुरुवार को दागी गयी इस मिसाइसल से साफ है कि उत्तर कोरिया किसी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है.

होक्काइदो के लोगों ने बताया कि उनके लिए गुरुवार की सुबह कितनी दहशत भरी थी. उनके मुताबिक उनकी नींद ही लाउडस्पीकर पर इमरजेंसी साइरन की आवाजों से खुली. 57 वर्षीय योइची ताकाहाशी ने बताया, "बहुत ही डरावना अनुभव था. सरकार ने हमें बताया कि हम सुरक्षित इमारतों में चले जाएं."

वहीं जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा, "हम कभी इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि उत्तर कोरिया शांति के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के मजबूत और एकजुट संकल्प को कुचल डाले."

दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार उत्तर कोरियाई मिसाइल 770 किलोमीटर की ऊंचाई पर 3700 किलोमीटर की दूरी तक उड़ी. इस तरह यह अमेरिकी क्षेत्र गुआम तक पहुंचने में आसानी से सक्षम है. लेकिन गुआम में होमलैंड सिक्योरिटी और सिविल डिफेंस कार्यालय का कहना है कि उत्तर कोरिया के हालिया के लॉन्च से तत्काल कोई खतरा नहीं है.

इस बीच, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे स्थिति पर बारीकी से निगाह रखें और उत्तर कोरिया की तरफ से संभावित ईएमपी (इलेक्ट्रोमैगनेटिक पल्स) और जैविक हमले से निपटने की तैयारी पूरी रखें.

हालांकि उत्तर कोरिया का कहना है कि वह ईएमपी हमले के लिए हाइड्रोजन बम तैयार कर रहा है लेकिन विश्लेषकों को उत्तर कोरिया के पास इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक होने के बारे में संदेह है.

एके/एनआर (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)

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