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दुनिया

उत्तर कोरिया ने चार बैलेस्टिक मिसाइलें टेस्ट कीं

उत्तर कोरिया ने कई मिसाइलों का एक साथ परीक्षण किया है. यह दावा जापान और दक्षिण कोरिया ने किया है. एक मिसाइल तो अमेरिका तक मार करने की क्षमता वाली बताई जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया किसी भी तरह का मिसाइल परीक्षण नहीं कर सकता. लेकिन दक्षिण कोरिया और जापानी अधिकारियों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने चार प्रतिबंधित बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है. दावे के मुताबिक कुछ मिसाइलें तो 1,000 किलोमीटर दूर जापान के तट के करीब तक पहुंचीं.

परीक्षण सोमवार सुबह स्थानीय समय के मुताबिक 7:36 मिनट पर किये गये. दक्षिण कोरियाई सेना ने एक बयान जारी कर कहा है, "दक्षिण कोरिया और अमेरिका इसकी गहन समीक्षा कर रहे हैं."

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा, "बैलेस्टिक मिसाइलों का ताजा परीक्षण उत्तर कोरिया की तरफ से पैदा हो रहे खतरे को साफ रूप से दिखाता है." जापानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मिसाइलें जापान के पूर्वोत्तर तट से 300 किलोमीटर दूर समंदर में गिरीं. टोक्यो के मुताबिक तीन मिसाइलें जापान की संप्रभुता वाले इलाके तक पहुंची. जापानी प्रधानमंत्री ने टेस्ट को बेहद खतरनाक कदम भी करार दिया.

दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक टेस्ट की गई मिसाइलों में दूसरे महाद्वीप तक मार करने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइलें भी हो सकती हैं. कोरियाई सेना ने अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइल के परीक्षण की भी आशंका जताई है. हालांकि अमेरिकी सेना के मुताबिक मिसाइलों से उनके देश को खतरा नहीं है. अमेरिकी सेना के रणनीतिक कमांड के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन ओ'डोनेल ने कहा है कि अमेरिकी सेना "उत्तर कोरिया के भड़काऊ कदमों के प्रति चौकस रहेगी और कोरियाई गणतंत्र (दक्षिण कोरिया) और जापानी सहयोगियों के साथ सुरक्षा बहाल करने पर ध्यान केंद्रित करेगी."

उत्तर कोरिया ने परीक्षण ऐसे वक्त में किये हैं जब कोरियाई प्रायद्वीप में दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है. दोनों देशों ने इसे सामान्य रूटीन सुरक्षाभ्यास करार दिया है. वहीं उत्तर कोरिया युद्धाभ्यास को हमले की तैयारी के तौर पर देख रहा है. युद्धाभ्यास अप्रैल अंत तक चलेगा. 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने के बाद कोरिया दो हिस्सों में बंट गया. अमेरिका और मित्र सेनाओं के नियंत्रण वाला इलाका दक्षिण कोरिया बन गया और सोवियत संघ के कब्जे वाला इलाका उत्तर कोरिया बन गया. तब से कोरिया संकट जारी है. 1950 से 1953 तक उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध भी चला. उस युद्ध के खत्म होने के बाद भी दोनों देशों के बीच तल्खी बरकरार है.

(ऐसा दिखता है अलग थलग देश उत्तर कोरिया)

ओएसजे/एमजे (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

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