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दुनिया

उत्तर कोरिया ने अमेरिका को दी "क्रूर बदले" की धमकी

उत्तर कोरिया ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास को आगे बढ़ाता है, तो उसे इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी. वहीं वॉशिंगटन और सोल इसे नियमित रक्षात्मक अभ्यास बता रहे हैं.

उत्तर कोरिया ने अमेरिका को दक्षिण कोरिया के साथ सैनिक अभ्यास जारी रखने की स्थिति में इसकी "निष्ठुर जवाबी कार्रवाई और सजा" भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी दी है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए से बातचीत में सेना के प्रवक्ता ने कहा, "इसके प्रलयंकारी नतीजों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की ही होगी. उसने ऐसा दुस्साहसिक आक्रामक युद्धाभ्यास कर खुद ही डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के साथ सैन्य टकराव का रास्ता चुना है."

एक दिन पहले ही कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैनिक अभ्यास शुरु किया है. कुल 11 दिनों तक चलने वाले इस सालाना अभ्यास के कई हफ्ते पहले से उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच वाकयुद्ध सा छिड़ा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक दूसरे के खिलाफ बढ़ चढ़ कर बयानबाजी की.

एक हफ्ते पहले, प्योंगयांग ने गुआम के अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल दागने की धमकी भी दे डाली थी लेकिन उसने ऐसा किया नहीं. दरअसल यह संयुक्त अभ्यास हर साल होता है और हर बार उत्तर कोरिया इस पर नाराजगी जताता है. प्योंगयांग इसे अपने ऊपर हमले की तैयारी मानता है.

अमेरिका के प्रशांत इलाके के कमांडर हैरी हैरिस ने उत्तर कोरियाई प्रशासन के साथ "चुनौतियों" का निपटारा करने के लिए "राजनयिक तरीकों से शुरुआत करने को सबसे अहम" बताया है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने प्योंगयांग को चेताया है कि वे इस सैन्य अभ्यास को दोनों कोरिया के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और खराब करने का बहाना ना बनाये. मून ने साफ किया कि सोल की "तनाव बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है."

फ्रीडम गार्डियन ड्रिल कहे जाने वाले इस संयुक्त अभ्यास में ज्यादातर कंप्यूटर पर युद्ध की स्थिति की कल्पना करते हुए वॉर गेम्स खेले जाते हैं. इस अभ्यास में 17,500 अमेरिकी सैनिक और 50,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. अधिकारी कंप्यूटरों पर काम करते हुए इसका अभ्यास करते हैं कि वे युद्ध की स्थिति में कैसे निर्णय लेंगे. वॉशिंगटन और सहयोगी सोल इन्हें रक्षात्मक अभ्यास बताते हैं.

पिछले साल इस अभ्यास के दौरान अपना गुस्सा दिखाने के लिए प्योंगयांग ने एक पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था. यह करीब 500 किलोमीटर दूर तक गयी, जो कि इस तरह के हथियार के लिए आज तक की सबसे लंबी दूरी है. इसके कुछ ही दिन बाद उसने अपने पांचवे और सबसे बड़े परमाणु परीक्षण को भी अंजाम दिया. एक महीने पहले ही उत्तर कोरिया ने दो इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का भी परीक्षण किया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इनसे वह अलास्का, लॉस एंजेलिस और शिकागो जैसे अमेरिकी शहरों तक हमला करने में सक्षम हो गया है.

आरपी/एमजे (डीपीए, एएफपी)

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