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खेल

उत्तर कोरिया के फुटबॉलरों के साथ क्या हुआ..

फीफा ने उत्तर कोरिया फुटबॉल के बारे में विस्तृत जांच शुरू कर दी है. ऐसी खबरें हैं कि विश्व कप के पहले ही दौर में हार के बाद उत्तर कोरिया के फुटबॉल कोच और खिलाड़ियों के साथ बुरा बर्ताव किया गया.

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उत्तर कोरिया के योंग टो से

फुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था फीफा ने इन रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है. पिछले महीने रेडियो फ्री एशिया की एक रिपोर्ट में कहा गया कि दो विदेशी मूल के खिलाड़ियों के अलावा बाकी फुटबॉल खिलाड़ियों की जबरदस्त विचारधारात्मक निंदा की गई. उत्तर कोरिया ने फीफा वर्ल्ड कप के दौरान सबसे ज्यादा गोल खाए और पहले दौर के तीनों मैच हार कर वह बाहर हो गई. पुर्तगाल ने उसे 7-0 से हराया.

फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने बताया, "हमने एक चिट्ठी लिख कर पूछा है कि वे अपने नए चुने गए अध्यक्ष के बारे में बताएं और क्या यह रिपोर्टें सही हैं कि उन्होंने अपने कोच और खिलाड़ियों को सजा दी है. हम पहले यह कदम उठा रहे हैं और देखते हैं कि वे क्या जवाब देते हैं."

Fußballtrainer WM 2010 Kim Jong Hun Nordkorea

कोच किम जोंग हुन

सिर्फ दूसरी बार विश्व कप फुटबॉल में खेल रही उत्तर कोरिया की टीम ने पहले मैच में ब्राजील के खिलाफ 2-1 की शिकस्त झेली. लेकिन दूसरे मैच में पुर्तगाल ने उसे सात गोलों से रौंद दिया. तीसरे मैच में आइवरी कोस्ट ने भी उसे 3-0 से हराया.

ब्लाटर ने बताया कि दक्षिण कोरिया के चुंग मोंग जून ने कुछ जानकारियां फीफा को दीं, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की गई. एशियाई फुटबॉल परिसंघ के प्रेसीडेंट मोहम्मद बिन हमाम ने उम्मीद जताई कि जांच से सही बात सामने आ सकती है. हमाम हाल ही में उत्तर कोरिया गए थे. उन्होंने कहा, "ऐसी भी खबरें हैं कि इन खिलाड़ियों को बाद में यातना दी गई, लेकिन मैं इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता हूं. मैंने अपनी आंखों से कुछ नहीं देखा. हो सकता है कि फीफा की जांच में सही बात सामने आ जाए."

फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक बार ऐसी खबर भी उड़ी कि उत्तर कोरिया के कुछ खिलाड़ी अपने कैंप से गायब हो गए हैं. लेकिन बाद में मामला रफा दफा हो गया. इस बार के विश्व कप में उत्तर और दक्षिण दोनों कोरियाई टीमों ने हिस्सा लिया था.

रिपोर्टः रॉयटर्स/ए जमाल

संपादनः उ भट्टाचार्य

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