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दुनिया

उड़ता पंजाब पर फैसला सोमवार को

भारत फिल्म सर्टिफिकेशन के नियमों को उदार बनाएगा. फिल्म उड़ता पंजाब पर छिड़े घमासान के बीच सूचना व प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने यह ऐलान किया है. बड़े बदलाव जल्द ही सामने आएंगे.

फिल्म जगत को राहत के संकेत देते हुए सूचना व प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि फिल्म सर्टिफिकेशन के नियम को नरम होना चाहिए, इसके लिए अगले कुछ दिनों में "कुछ बड़े बदलाव किये जाएंगे." जेटली से जब फिल्म उड़ता पंजाब पर हो रहे विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं इस केस को नहीं जानता हूं क्योंकि जिस फिल्म पर सवाल हो रहे हैं वो मैंने नहीं देखी है."

हालांकि उन्होंने यह जरूर जता दिया कि मौजूदा सर्टिफिकेशन के सिस्टम से वह खुश नहीं हैं, "श्याम बेनेगल द्वारा अच्छे से तैयार की गई रिपोर्ट है, उसका पहला हिस्सा जो मुझ तक पहुंचा है, उस पर विचार हो रहा है. अगले कुछ दिनों में हम कुछ बड़े बदलावों का ऐलान करेंगे."

मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल की अगुवाई में बनी समिति ने कई बदलावों की सिफारिश की है. इसमें कुछ मूलभूत बदलाव भी हैं. सूचना व प्रसारण मंत्री के मुताबिक, "सही शब्द सर्टिफिकेशन है, सेंसरशिप नहीं. सर्टिफिकेशन नियमों को उदार होना चाहिए."

नशे की लत में डूबे पंजाब के युवाओं की कहानी पर आधारित फिल्म उड़ता पंजाब सेंसर बोर्ड की खिड़की पर रुकी हुई है. बोर्ड चाहता है कि फिल्म में 89 कट मारे जाएं. निर्देशक अनुराग कश्यप इससे बिफरे हुए हैं. अनुराग ने फिल्म में कैंची चलाने से साफ इनकार कर दिया है. अनुराग बॉम्बे हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं. पहली सुनवाई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को नसीहत देते हुए कहा कि, "मौजूदा पीढ़ी कुछ मेच्योर चाहती है, इसमें इतना रोना धोना नहीं होना चाहिए."

जस्टिस धर्माधिकारी ने नशे पर बनी 'उड़ता पंजाब' की तुलना 'गो, गोवा, गॉन' से करते हुए भी सेंसर बोर्ड से तल्ख सवाल पूछे. अदालत ने कहा कि उस फिल्म में गोवा को ऐसी जगह के रूप में दिखाया है जहां लोग पार्टी करने और प्रतिबंधित ड्रग्स लेने के लिए जाते हैं. जज ने पूछा कि, "जब गोवा को फिल्म में ड्रग गतिविधियों की जगह के तौर पर दिखाया जा सकता है तो उड़ता पंजाब में दिखाये पंजाब में क्या गलत है."

बोर्ड के फरमान के खिलाफ अनुराग फिल्म सर्टिफिकेट अपीलेट ट्राइब्यूनल (FCAT) के पास भी गए हैं. बॉलीवुड की तमाम दिग्गज हस्तियां भी अनुराग कश्यप के समर्थन में आ गई हैं.

निहलानी का आरोप है कि फिल्म देखकर ऐसा लगता है जैसे पंजाब का हर युवा नशा करता हो. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी और अकाली दल की सरकार के खिलाफ आप और कांग्रेस नशे को बड़ा मुद्दा बना रहे हैं. यह बात काफी हद तक सच है कि पंजाब के युवा बुरी तरह नशे की चपेट में हैं.
उम्मीद की जा रही है कि FCAT 17 जून को इस पर सुनवाई करेगा. फिल्म उसी दिन रिलीज होनी थी. वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला सोमवार को आएगा.


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