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दुनिया

ईशनिंदा कानून पर पोप और सुन्नी गुट आमने सामने

पाकिस्तान से ईशनिंदा कानून को खत्म करने की अपील करने वाले पोप बेनेडिक्ट 16वें के खिलाफ कट्टरपंथी गुट खड़े हो गए हैं. पाकिस्तान में सुन्नी गुटों ने पोप के बयान को साजिश बताते हुए अंदरुनी मामलों में दखल न देने के लिए कहा.

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पाकिस्तान में आठ सुन्नी संगठन देशभर में पोप के बयान के खिलाफ शुक्रवार को देशभर में रैली आयोजित करने की योजना बना रहे हैं. सुन्नी इत्तेहाद के प्रमुख साहेबजादा फजल करीम के हवाले से पाकिस्तान के डॉन अखबार का कहना है, "पोप का बयान एक साजिश है जिसके जरिए दुनिया में धर्मों को आपस में लड़ाने की कोशिश हो रही है. यह बयान संयुक्त राष्ट्र के शांति चार्टर का उल्लंघन भी है."

सुन्नी इत्तेहाद के बैनर तले आठ सुन्नी संगठन आते हैं. फजल करीम ने पाकिस्तान सरकार से पोप के बयान पर आधिकारिक विरोध दर्ज कराने के लिए भी कहा है क्योंकि उनके मुताबिक पाकिस्तान के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया जा रहा है.

सोमवार को पोप बेनेडिक्ट 16वें ने पाकिस्तान से ईशनिंदा कानून को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि इसके चलते धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ अन्याय और हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है. नवंबर में पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजक टिप्पणी करने के आरोप में एक ईसाई महिला आशिया बीबी को मौत की सजा सुना दी गई.

पंजाब प्रांत के गवर्नर और उदारवादी समझे जाने वाले सलमान तासीर भी ईशनिंदा कानून का विरोध करते रहे. पिछले हफ्ते उनके एक अंगरक्षक ने महिलाओं और ईशनिंदा कानून में संशोधन का समर्थन करने के लिए तासीर की हत्या कर दी. तासीर के हत्यारे मलिक मुमताज कादरी के समर्थन में बड़ी संख्या में कट्टरपंथी सामने आए हैं और उन्होंने इस हत्या की निंदा करने से इंकार कर दिया है. मुमताज कादरी के समर्थन में रैलियां भी हो रही हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम

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