1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ईरान से लेनदेन पर भारतीय बैंकों को चेतावनी

भारतीय रिजर्व बैंक ने अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ईरान से होने वाले लेनदेन के मामले में सावधानी बरतने को कहा है. उसे हवाला और आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए पैसे के आने जाने का संदेह है.

default

आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भेजे एक सर्कुलर में चेतावनी का एक पत्र भेजा है. यह चेतावनी फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने जारी की है. एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो हवाला और आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए पैसे के लेनदेन पर नजर रखती है और इसे रोकने की कोशिश करती है.

Hamburger Niederlassung der Bank Melli Iran

एफएटीएफ की चेतावनी के मुताबिक सभी वित्तीय संस्थानों को सलाह दी गई है कि ईरान के साथ होने वाले व्यापारिक लेनदेन और समझौतों पर खास ध्यान दें. इनमें ईरान की कंपनियां और वित्तीय संस्थान शामिल हैं.

क्या है चेतावनी

एफएटीएफ की चेतावनी में कहा गया है कि इन सावधानियों से बचने की कोशिश की जा सकती है इसलिए ईरान के वित्तीय संस्थानों की तरफ से नई ब्रांच या सहयोगी कंपनियां खोलने की अर्जी पर विशेष ध्यान दिया जाए.

ऐसा ही एक सर्कुलर भारत के शेयर बाजार पर नियंत्रण रखने वाली संस्था सेबी ने भी जारी किया है. शेयर बाजारों को जारी किए गए इस सर्कुलर का मकसद है कि ईरान की कंपनियां हवाला या आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए धन भेजने के वास्ते भारतीय शेयर बाजारों का इस्तेमाल न कर पाएं. शेयर बाजारों ने अपने दलालों को सर्कुलर पर ध्यान देने के लिए कह दिया है.

Bank Mellat Iran Teheraner Zentrale

ईरानी बैंकों पर नजर

एफएटीएफ में भारत

भारत पिछले साल ही एफएटीएफ का सदस्य बना है. इस अंतरराष्ट्रीय संस्था में पहुंच पाने के लिए भारत को इसके बनाए नियमों का पालन करना होगा. पैरिस से काम करने वाली यह संस्था अपने सदस्य देशों को समय समय पर सावधान करती है. ईरान के बारे में चेतावनी पिछले साल के आखिर में जारी की गई.

ईरान पर अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने आर्थिक और अन्य प्रतिबंध लगा रखे हैं. इन देशों का आरोप है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम का इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए कर रहा है. प्रतिबंध लगाने वाले देश आतंकवादी कार्रवाइयों को रोकने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समर्थन बंद करने की बात कहते हैं. अमेरिका ने तो अपनी सभी कंपनियों से ईरान से लेनदेन उजागर करने को कहा है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

DW.COM

WWW-Links