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जर्मन चुनाव

ईरान भी बोला, अफगानिस्तान को दी मदद

ईरान ने भी मान लिया है कि उसने युद्ध से तबाह अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए मदद दी है. इससे पहले अमेरिकी के समर्थन वाली हामिद करजई की अफगान सरकार ने ईरान से मदद लेने की बात कही, जिस पर व्हाइट हाउस नाराज है.

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अफगान और ईरानी राष्ट्रपति

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रामिन मेमानपरस्त ने कहा, "इस्लामी गणराज्य ईरान पड़ोसी होने के नाते अफगानिस्तान की स्थिरता को लेकर बेहद चिंतित है. उसने अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के लिए मदद दी है. ईरान ने अफगानिस्तान को फिर से खड़ा करने और उसकी अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए अपनी तरफ से यह मदद दी है और भविष्य में वह ऐसा करता रहेगा."

ईरान से मदद लेने के करजई के बयान के बाद सोमवार को व्हाइट हाउस ने अफगानिस्तान पर ईरान के "नकारात्मक प्रभाव" पर चिंता जताई. करजई ने काबुल में कहा कि कभी कभी उनके चीफ ऑफ स्टाफ को एक समय में ही सात लाख यूरो दिए गए. उनके दफ्तर के इस तरह के भुगतान बिल्कुल पारदर्शी तरीके होते हैं.

लेकिन व्हाइट हाउस के उप प्रवक्ता बिल बर्टन ने कहा, "मुझे लगता है कि अमेरिकी लोग और विश्व समुदाय इस बारे में चिंतित हैं कि ईरान अफगानिस्तान पर नकारात्मक असर डालने की कोशिश कर रहा है." उन्होंने कहा कि ईरान को वहां सरकार बनाने की कोशिशों पर सकारात्मक असर डालना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह न बने, जहां से अमेरिका पर हमलों की योजना बने.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने शनिवार को खबर दी कि करजई के चीफ ऑफ स्टाफ उमर दाउदजाई को ईरान की तरफ से बराबर नकद धनराशि मिलती है जो काबुल के राष्ट्रपति कार्यालय पर अपना असर बढ़ाना चाहता है. करजई ने नाराजगी के साथ इस बात से इनकार किया कि ईरान से मिलने वाली मदद को किसी तरह गोपनीय रखा गया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय की मदद के लिए विभिन्न मित्र देशों से इस तरह नकद मदद मिलती है और यह पूरी तरह पारदर्शी है. करजई के मुताबिक, "यह कोई छिपी बात नहीं है. हम ईरान की मदद के लिए शुक्रगुजार हैं. अमेरिका भी यही करता है. वह भी हमारे कुछ कार्यालयों को नकद रकम देता है."

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भले ही ईरान को मित्र देश बताते हों लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तीन दशकों से राजनयिक संबंध नहीं हैं. अफगान राष्ट्रपति के मुताबिक ईरान ने आधिकारिक तौर पर साल में एक या दो बार सात लाख यूरो तक की मदद दी है. वैसे करजई के बयान से पहले काबुल में ईरान के दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर को गलत बताया, लेकिन अब ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि कर दी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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