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मनोरंजन

ईरान: बंद दरवाजों के पीछे बहती शराब

इस्लामी देश ईरान में वैसे तो शराब पर पाबंदी है लेकिन अमीरों के घरों में बढ़िया शराब से लेकर थिरकने वाले संगीत तक सब मिल जाएंगे. रात होते ही तेहरान के रईस इलाकों में बंद दरवाजों के पीछे रंगीन दुनिया बसती है.

ईरान की राजधानी तेहरान में अपने आलिशान घर में शहरयार दोस्तों से शराब का शौक फरमाने के लिए कह रहे हैं. शहरयार की गर्लफ्रेंड शिमा कहती हैं वो हर सप्ताहांत पार्टी करती हैं. शिमा बताती हैं कि शहरयार की एक शर्त है. अपनी शराब खुद लेकर आओ. शिमा के मुताबिक वे लोग सुबह होने तक शराब पीते हैं. ईरान में शराब पर पाबंदी और पुलिस छापे के बावजूद इसका सेवन बड़े पैमाने पर होता है. खासकर रईस घरों में यह आम बात है. शिया बहुल ईरान में न तो कोई डिस्को है न ही कोई नाइट क्लब लेकिन बंद दरवाजों के पीछे सब कुछ होता है. कुछ हद तक शराब की तस्करी होती है लेकिन कुछ संपन्न ईरानी खुद ही शराब बना लेते हैं. 28 साल के संगीत के टीचर हेसम कहते हैं कि वे और उनके दोस्त अक्सर घर के बाथ टब में अंगूर कुचलने का काम करते हैं.

Bildgalerie Alkohol in Iran

ईरान में शराब पर पाबंदी है.

चोरी चोरी शराब

सिर्फ अल्पसंख्यक ईसाई, यहूदी और पारसी धर्म के सदस्यों को ही शराब बनाने और पीने की इजाजत है. लेकिन वह भी सिर्फ घर में ही ऐसा कर सकते हैं. ईरान में शराब का कारोबार वर्जित है. कैथोलिक पादरी प्रार्थना के लिए खुद ही अपनी वाइन बनाते हैं. तब भी ईरान में शराब बनाने का पुराना इतिहास है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पाषाण काल के लोग ईरान में जैतून और रोटी के साथ वाइन का सेवन करते थे. आधुनिक ईरान में अमेरिकी समुदाय ही घर पर बनी शराब का मुख्य स्रोत है. सूरज में सुखाए अंगूर से अरक नाम की वोद्का बनाई जाती है. 35 साल के स्पोर्ट्स ट्रेनर अमीन ने अपने घर के 50 वर्ग मीटर अहाते को अंगूर के बाग में तब्दील कर दिया है. अमीन घर के तहखाने में शराब बनाते हैं. उन्हें एक लीटर शराब बनाने में 50 सेंट लागत आती है. कंप्यूटर इंजीनियर रेजा कहते हैं, "आपको घर से बाहर जाने की भी जरूरत नहीं. शराब बनाने वाला आपके दरवाजे पर शराब पहुंचा देगा."

देश में शराब की उपलब्धता ने धार्मिक नेताओं को चेता दिया है. कई धार्मिक नेता आरोप लगाते हैं कि पश्चिम ईरानियों को पवित्र धार्मिक रीति से दूर रखने की साजिश रच रहा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में दो लाख शराबी हैं. कुछ लोगों का मानना है कि संख्या कहीं अधिक है. पिछले साल सितंबर में शराबियों के लिए देश का पहला पुनर्वास केंद्र खोलने की इजाजत चुप्पी के साथ दी गई थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है, "आप समस्या की अनदेखी कर उसको सुलझा नहीं सकते हैं. तेहरान में पुनर्वास केंद्र की स्थापना देश के लोगों की मदद के लिए की गई है." इस बीच तेहरान में अपने घर में पार्टी करते हुए शहरयार कहते हैं, "हम शराब पीकर अपने दुख भूल जाते हैं. नहीं तो युवाओं पर जिस तरह की बंदिशें हैं, हम पागल ही हो जाएंगे."

एए/एएम (रॉयटर्स)

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