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दुनिया

ईरान ने दिखाया रॉकेटों का जखीरा

एक ओर लंबे विवाद के बाद ऐतिहासिक परमाणु संधि का संसद और अभिभावक परिषद द्वारा अनुमोदन तो दूसरी ओर सुरंगों में छुपे मध्यम दूरी के मिसाइलों का प्रदर्शन. ईरान का कहना है कि सारे रॉकेट तैनाती के लिए तैयार हैं.

ईरानी टेलीविजन ने पहली बार सुरंगों के अंदर छुपे रॉकेटों को खुलेआम दिखाया है. ईरान के रिवोल्यूशन गार्ड के हवाई दस्ते के जनरल अमीर अली हाजीसादे ने सुरंग में रॉकेट दिखाते हुए कहा है कि देश भर में सैकड़ों ऐसे अड्डे हैं. ये मध्यम दूरी के रॉकेट 1,700 किलोमीटर से 2,000 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकते हैं. जनरल हाजीसादे ने कहा कि ईरान कभी भी युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा लेकिन यदि उस पर हमला होता है तो "ये हथियार हमलावरों के लिए ज्वालामुखी फटने की तरह होंगे."

ईरान ने पिछले हफ्ते मध्यम दूरी के एक नए रॉकेट का सफल परीक्षण किया था जो 'शहाब 3' का उत्तराधिकारी मॉडल है. 'एमाद' प्रकार का जमीन से जमीन पर मार करने वाला रॉकेट पिछले रॉकेटों के मुकाबले ज्यादा सटीक मारक क्षमता वाला है. हथियारों की क्वालिटी और उसके परीक्षण के बारे में ईरान में स्वतंत्र रूप से जानकारी की पुष्टि करना संभव नहीं है. ईरान में होने वाले सारे टेस्ट तटस्थ पर्यवेक्षकों के बिना किए जाते हैं और बाद में उसकी जानकारी दी जाती है.

पश्चिमी देशों में हमेशा से यह चिंता रही है कि ईरान अपने शहाब 3 रॉकेट से इस्राएल पर हमला कर सकता है. इस साल जुलाई में हुई परमाणु संधि के बाद इस तरह की चिंता कम हुई है, जिसमें ईरान से परमाणु हथियार बनाने की संभावना छीन ली गई है.

सुरक्षा परिषद के पांच वीटोधारी सदस्यों और जर्मनी के साथ हुए परमाणु समझौते में ईरान को परमाणु तकनीक के असैनिक इस्तेमाल की अनुमति दी गई है. ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की क्षमता कम करने और अपने संयंत्रों के नियंत्रण की बात स्वीकार की है.

हाल ही में संसद और अभिभावक परिषद द्वारा परमाणु समझौते के अनुमोदन के बाद उसे लागू करने का रास्ता साफ हो गया. धार्मिक नेताओं और न्यायविदों वाला अनुदारवादी अभिभावक परिषद संसद द्वारा पास कानून की संवैधानिकता और इस्लाम से अनुकूलता की जांच करता है.

एमजे/आरआर (डीपीए)

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