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दुनिया

ईयू रूस वार्ता में यूक्रेन का तनाव

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूरोपीय संघ के अधिकरियों के बीच सोमवार से ब्रसेल्स में बातचीत शुरू हुई. इस दौरान यूक्रेन के मुद्दे पर तनाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है.

यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हरमन फान रोम्पॉय ने कहा, "हमारे बीच कई मतभेद हैं जिन पर बात की जानी जरूरी है. यह शिखर वार्ता ईयू रूस की रणनीतिक साझेदारी की प्रकृति और दिशा के बारे में साझा चिंतन करने का एक मौका है."

वार्ता शुरू होने से कुछ घंटे पहले फेमेन ग्रुप के दो प्रदर्शनकारियों ने आयोजन स्थल के सामने पुतिन के विरोध में प्रदर्शन किया. बेल्जियाई पुलिस ने पुतिन के आने से पहले इन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.

पहले ये बातचीत दो दिन होनी थी लेकिन अब यह ढाई घंटे तक ही सीमित हो गई. इसमें शीर्ष नेताओं के साथ मुख्य सलाहकार रहेंगे. जोसे मानुएल बारोसो ने कहा, "हमें आपसी समझदारी और रणनीतिक विश्वास की जरूरत है. अगली वार्ता में हम साझा लाभ और मतभेदों के बारे में खुली बहस के जरिए यही करने की कोशिश करेंगे."

मॉस्को और ब्रसेल्स के बीच तनाव नवंबर में उस समय शुरू हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने ईयू के साथ बहुप्रतीक्षित राजनीतिक और मुक्त व्यापार समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया. यूरोप का कहना था कि रूस ने यूक्रेन पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला. यूरोपीय संघ के लिए रूस के दूत व्लादिमीर चिजोव ने माना कि यूक्रेन के हालात ईयू और रूस दोनों के लिए अच्छे नहीं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में शिखर वार्ता में कोई बातचीत नहीं होगी.

यूरोपीय संघ वैसे तो रूस की गैस पर बहुत हद तक निर्भर है. और रूस भी विक्रेता के तौर पर यूरोपीय संघ पर विश्वास करता है. लेकिन ईयू ने रूस के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन में शिकायत की है कि वह अपने कार बाजार का संरक्षण कर रहा है. और यूरोपीय संघ का एक आयोग रूसी गैस कंपनी गैजप्रोम की जांच कर रहा है. उस पर आरोप हैं कि उसने यूरोप को गैस रोक दी और कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा दीं.

एएम/एजेए (रॉयटर्स, डीपीए)

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