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विज्ञान

ईयू में उगेगा जीएम मक्का

यूरोपीय संघ के देशों में टीसी1507 नाम का जीएम मक्का उगाया जा सकेगा. आलोचक इसे इंसान की सेहत के लिए खतरा बता रहे हैं. तितलियों के लिए यह विनाशकारी साबित हो सकता है.

जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल और उनकी पार्टी सीडीयू ने इस तकनीक का विरोध नहीं किया है लेकिन जर्मनी के कृषि मंत्री हंस पेटर फ्रीडरिष ने कहा है कि जर्मनी में इसे रोकने के लिए जो भी संभव होगा वह किया जाएगा. फ्रीडरिष ने बायर्न2 रेडियो को बताया,"हम जर्मनी में टीसी 1507 की खेती नहीं चाहते."

वैसे तो यूरोपीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय ने इस वरायटी को सुरक्षित बताया है लेकिन आलोचकों ने चेतावनी दी है कि इससे तितलियों और पतंगों को नुकसान हो सकता है और इंसानी स्वास्थ्य के लिए भी यह नुकसानदेह है. ये कीट प्रतिरोधी मक्का जानवरों के खाने और बायोगैस प्लांट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

कुछ धड़े राजी

ब्रिटेन, स्पेन, फिनलैंड, एस्टोनिया और स्वीडन ने इस मक्के के लिए हां कहा है तो फ्रांस और हंगरी इसके विरोध में हैं. जर्मनी की सरकार ने इस वोट में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि जर्मनी के 16 राज्यों में इस मक्के पर मतभेद हैं. लेकिन जर्मनी के वोट में हिस्सा नहीं लेने के कारण ही यूरोपीय संघ में इस मक्के को उगाने को अनुमति मिली. यह अमेरिकी कंपनी डूपोंट पायोनियर ने विकसित किया है.

यूरोपीय संघ ने जीन संवर्धित ऑर्गेनिज्म (जीएमओ) की खेती के मुद्दे पर स्वास्थ्य और पर्यावरण को होने वाली हानि पर चिंता जाहिर की है. वहीं, अमेरिकी बाजार में जीन संवर्धित फसलों का खासा महत्व है. संयुक्त राष्ट्र की दलील है कि दुनिया में बहुत देशों में खाद्य पदार्थों की कमी है और ऐसे में जीन संवर्धित फसलें मदद कर सकती हैं. यूरोपीय संघ में जीएम मक्का पर हुई बहस में सामने आया कि भले ही यूरोपीय संघ में ये फसलें उगाई नहीं जाती हों लेकिन इन उत्पादों का आयात भारी मात्रा में होता है और ये जानवरों को खिलाए जाते हैं. जानवरों से होते हुए ये इंसानी खाद्य चक्र में भी आ चुके हैं. यह भी एक दलील है कि जीन संवर्धित फसलों के बीज हवा से यहां वहां जा सकते हैं जिससे उनका फैलना कोई रोक नहीं सकता.

कीट प्रतिरोधी मक्का

1507 मक्का खुद ही कीड़ों के लिए प्रतिरोधी है और खरपतवार की दवाइयां इस पर काम नहीं करती. यह फसल खुद ही कीटनाशक जहर बनाती है और खरपतवार मिटाने वाले ग्लूफोसायनाइट अमोनियम के अति छिड़काव से भी ये खुद को बचा लेती है. डूपोंट कंपनी के कम्यूनिकेशन मैनेजर जोसेफ मेट का दावा है कि यह जीन संवर्धित फसल ज्यादा सालाना उत्पादन के लिए अहम है.

मेट ने डॉयचे वेले को बताया, "यह उत्पाद उन देशों के लिए एक हल है, जहां कीड़े एक बड़ी समस्या हैं, जैसे कि स्पेन. किसानों के लिए कीटों से होने वाला नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है. ऐसे भी कई खेत हैं, जहां कीड़ों के कारण पूरी फसल तबाह हो गई." पर्यावरण के लिए काम करने वाले संगठन ग्रीनपीस का कहना है कि इस मक्के से होने वाले नुकसान के बारे में हमें पूरी जानकारी नहीं है.

रिपोर्टः मिलान गागनोन/आभा मोंढे

संपादनः मानसी गोपालकृष्णन

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