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दुनिया

ईयू को तुर्की की जरूरत: एर्दोआन

तुर्की के प्रधानमंत्री रेचेप तय्यप एर्दोआन ने जर्मनी दौरे पर कहा है कि केवल तुर्की को ही ईयू की नहीं, बल्कि ईयू को भी तुर्की की उतनी ही जरूरत है. एर्दोआन ने जर्मनी से समर्थन का आग्रह किया है.

बर्लिन में बात करते हुए एर्दोआन ने कहा कि यदि तुर्की यूरोपीय संघ का हिस्सा बन जाता है तो इस से संघ को भी फायदा मिलेगा. अपने एक दिवसीय दौरे पर तुर्की के सकल घरेलू उत्पात और निर्यात के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि तुर्की के बिना 21वीं सदी की कल्पना करना भी नामुमकिन है.

और कि इस मामले में वे जर्मनी का भी सहयोग चाहते हैं, "हम उम्मीद करते हैं कि ईयू में प्रवेश करने के मुद्दे पर जर्मनी हमारा साथ दे. हम चाहते हैं कि जर्मनी हमारा जितना समर्थन करता आया है, उस से भी ज्यादा जोर दे कर इस मामले का प्रचार करे."

उद्योग की नजर से जर्मनी तुर्की का सबसे बड़ा साथी है. जर्मनी में तुर्क मूल के करीब तीस लाख लोग रहते हैं. इसी को देखते हुए एर्दोआन जर्मनी से समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं. साथ ही जर्मनी यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण देश है. तुर्की 2005 से ईयू का सदस्य बनने की कोशिश कर रहा है.

इस से पहले एर्दोआन ब्रसेल्स में ईयू के मुख्यालय का दौरा भी कर चुके हैं और वहां भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं. लेकिन भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों से उनका नाम उनके खिलाफ जा रहा है. एर्दोआन पिछले ग्यारह साल से सत्ता में हैं. पिछले कुछ महीनों से देश में उनके खिलाफ प्रदर्शन देखे जा रहे हैं. एर्दोआन की यह जर्मनी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वह राजनीतिक तौर पर अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं.

अपने जर्मनी दौरे पर एर्दोआन चांसलर अंगेला मैर्केल से मुलाकात कर सीरिया के मुद्दे पर भी चर्चा कर रहे हैं. तुर्की में मौजूद सीरियाई शरणार्थियों को मदद देने पर भी बात की जा रही है. इसके अलावा वे जर्मनी में रह रहे लोगों को भी तुर्क भाषा में संबोधित करेंगे. उनके भाषण को तुर्की में टीवी पर लाइव दिखाया जाएगा.

आईबी/एएम (डीपीए, एएफपी)

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