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जर्मन चुनाव

इस्लाम अपना ले पूरा यूरोपः गद्दाफी

इटली की यात्रा पर आए लीबिया के नेता मोअम्मर गद्दाफी ने ये कहकर हलचल मचा दी है कि पूरे यूरोप को इस्लाम धर्म कबूल कर लेना चाहिए. इटली के साथ हुए दोस्ताना रिश्ते की दूसरी सालगिरह पर आए गद्दाफी ने युवा महिलाओं से ये बात कही.

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गद्दाफी की यात्रा के दौरान एक एजेंसी ने 500 युवा महिलाओं को पैसे देकर लीबियाई नेता का भाषण सुनने के लिए बुलाया गया. इसी भाषण में गद्दाफी ने कहा, "इस्लाम को पूरे यूरोप का धर्म बना देना चाहिए." इन महिलाओं को यहां आने के लिए 70 से 80 यूरो यानी लगभग 5000 रुपये दिए गए. कार्यक्रम में आने के लिए उन्हें ख़ास तरह की पर्दे वाली लिबास पहननी पड़ी. कार्यक्रम में मौजूद एक महिला ने बताया कि गद्दाफी ने कहा, "लीबिया में महिलाओं की इज्जत पश्चिमी देशों के मुकाबले ज्यादा है."

गद्दाफी के इस भाषण का विषय इतालवी महिलाओं का अपमान था. खबरों में कहा जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के दौरान तीन महिलाओं ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

Flash Galerie Muammar al Gaddafis Beduinenzelt

इस शो ने इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं जो इन दिनों गद्दाफी से गलबहियां कर रहे हैं. विवाद को कम करने की कोशिश में सरकार की तरफ से कहा गया है कि गद्दाफी ने ये बयान एक निजी कार्यक्रम में दिया है. विपक्षी पार्टियां लीबियाई नेता के दौरे का विरोध कर रही हैं. उन्होंने पूछा है "अगर कोई यूरोपीय नेता लीबिया में जाकर वहां के लोगों से ईसाई धर्म कबूल करने को कहे तो गद्दाफी को कैसा लगेगा." विपक्षी नेताओं ने बर्लुस्कोनी पर कारोबार के लिए देश की इज्जत को गिरवी रखने का आरोप लगाया.

गद्दाफी सिर्फ इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने ये भी कहा कि यूरोपीय संघ को हर साल लीबिया को कम से कम 5 अरब यूरो की सहायता देनी चाहिए जिससे कि लीबिया से यूरोप में गैरकानूनी तरीके से आनेवाले लोगों को रोका जा सके. गद्दाफी का कहना है कि ऐसा करना यूरोप के हित में होगा क्योंकि इससे यूरोप की तरफ आने वाले लाखों अफ्रीकी लोगों को रोका जा सकेगा.

सोमवार को गद्दाफी ने प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी के साथ एक निजी मुलाकात में करीब आधे घंटे तक बातचीत की. इस दौरान गद्दाफी ने लीबिया को इटली के निवेश के लिए खोलने की बात पर हुई सहमति पर भी मुहर लगाई. इटली लीबिया में तीसरा सबसे बड़ा यूरोपीय निवेशक है. 1911 से 1943 तक वह इटली का उपनिवेश रहा है. इटली का कहना है कि इसकी भरपाई के लिए वो पांच अरब डॉलर के खर्चे से लीबिया में 1700 किलोमीटर लंबा हाइवे बनाएगा.

दो साल पहले दोनों देशों के बीच हुए दोस्ताना समझौते के बाद इनके रिश्ते काफी गहरे हो गए हैं. दोनों देश इस बात पर भी सहमत हैं कि इटली की नौसेना समुद्र के रास्ते आने वाले गैरकानूनी प्रवासियों को वापस लीबिया भेज देगी. मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने इस समझौते की कड़ी आलोचना की है. बर्लुस्कोनी ने गद्दाफी की यात्रा के विरोध को गुजरे जमाने की सोच करार दिया है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः ए जमाल