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जर्मन चुनाव

इस्राएल ने खारिज की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग

बढ़ते दबाव के बावजूद इस्राएल ने गाजा जा रहे जहाज पर हुए हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग को खारिज किया है. वहीं तुर्की ने साफ किया है कि गाजा जाने वाले किसी जहाज में सफर करने का तुर्क प्रधानमंत्री का कोई इरादा नहीं है.

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अमेरिका में इस्राएल के राजदूत माइकल ओरेन ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग के विचार को खारिज करते हैं. इस्राएल एक लोकतांत्रिक देश है. वह अपने स्तर पर जांच करने में सक्षम है. किसी अंतरराष्ट्रीय जांच की कोई जरूरत नहीं है."

इस्राएली राजदूत ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन से इस बारे में बात कर रही है कि "हमारी जांच किस तरह होगी. लेकिन 31 मई को हुई घटना की स्वतंत्र रूप से अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का कोई सवाल नहीं उठता." कई सरकारें इस्राएल पर इस बात के लिए दबाव डाल रही हैं. गाजा को मानवीय सहायता लेकर जा रहे तुर्की के एक जहाज पर इस्राएली नौसैनिकों ने हमला कर दिया जिसमें तुर्की के नौ लोग मारे गए. इस्राएल ने गाजा की नाकेबंदी कर रखी है.

उधर फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोजी ने इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह जहाज पर हुए हमले की "विश्वसनीय और निष्पक्ष" जांच कराने की बात मान लें. फ्रांस भी इस जांच का हिस्सा बन सकता है. सार्कोजी ने टेलीफोन पर नेतन्याहू से कहा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कराने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आग्रहों को मान लें. ब्रिटेन और फ्रांस के विदेश मंत्रियों ने रविवार को पैरिस में मुलाकात के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय जांच इस मामले को सुलझाने के लिए बहुत जरूरी है.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने एक ऐसे जांच पैनल का प्रस्ताव रखा जिसके अध्यक्ष न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री जिओफ्रे पामर हों और इसमें तुर्की, इस्राएल और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं. शनिवार को इस प्रस्ताव पर नेतान्याहू ने बान से टेलीफोन पर बात भी की. लेकिन अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को उन्होंने बताया है कि इस्राएल कुछ दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है.

वहीं तुर्की के विदेश मंत्री अहमेत दावुतोगुल ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय जांच पर जोर देंगे और इस बारे में इस्राएल के इनकार के जाहिर हो गया है कि वह जहाज पर हुए हमले के तथ्यों को छिपाना चाहता है. सीएनएन के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "हम सच्चाई जानना चाहते हैं. अगर इस्राएल इसे खारिज करता है तो यह उसके दोषी होने का एक और सबूत है. उनमें सच का सामना करने की ताकत नहीं है."

तुर्की के विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि प्रधानमंत्री रचेप तैयप एर्दोआन का गाजा जाने वाले किसी जहाज में सफर करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा, "तुर्की की सरकार ने जहाज से गाजा को राहत सामग्री भेजने का समर्थन नहीं किया, यह सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक कोशिश थी. अगर इसी सोच के साथ फिर कोई गाजा को सामग्री ले जाता है तो हम उसके खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे. लेकिन अगर किसी देश ने हमारे लोगों के काफिले पर हमला किया और हमारे नागरिकों को मारा, तो बेशक हमें इसकी वजह जानने का पूरा हक है."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एन रंजन

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