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ताना बाना

इराक से अमेरिकी जंगी दस्ते हटे

तानाशाह सद्दाम हुसैन का तख्ता पलटने के साढ़े सात साल बाद अमेरिका ने अंतिम जंगी दस्ते हटाए. अस्थिर राजनीतिक स्थिति के कारण सवाल पूछा जा रहा है कि क्या अमेरिकी युद्धक टुकड़ियों के बिना इराकी सेना देश में सुरक्षा दे पाएगी.

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वापस होते अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी सेना ने वापसी की पुष्टि कर दी है. बुधवार रात ही इराक में तैनात उसकी अंतिम युद्धक ब्रिगेड के अधिकांश जवान इराक से कुवैत चले गए. द्वितीय इंफेंट्री डिवीजन की चौथी स्ट्राइकर ब्रिगेड के कुछ सौ लॉजिस्टिक अधिकारी रह गए हैं जो आने वाले दिनों में इराक छोड़ देंगे. लेफ्टिनेंट कर्नल एरिक ब्लूम ने कहा कि 360 गाड़ियों और 1200 जवानों को कैंप लिबर्टी और कैंप ताजी से कुवैत जाने में दो दिन लगे. 4,000 की ताकत वाले ब्रिगेड के बाकी जवानों ने विमान से इराक छोड़ा. इसके बावजूद ऑपरेशन इराकी फ्रीडम 31 अगस्त तक चलता रहेगा. उसके बाद अमेरिका के सारे कंबैट सैनिक इराक छोड़ देंगे. अनुमान है कि अब भी लगभग 6,000 अमेरिकी सैनिक इराक में हैं जिनमें से अधिकांश विशेष टुकड़ी के हैं जो पहले की तरह सैन्य अभियानों में शामिल हो सकेंगे. 1 सितंबर से ऑपरेशन न्यू डाउन शुरू होगा. इराक और अमेरिकी सरकार की संधि के अनुसार 2011 के अंत तक 50 हजार से अधिक सैनिक इराक में तैनात रहेंगे लेकिन उनकी जिम्मेदारी इराकी सैनिकों को प्रशिक्षण देने की होगी. मध्यपूर्व में इस खबर को उतना महत्व नहीं दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के नजदीकी टेलिविजन अल इराकिया ने इस खबर के बदले बगदाद में नए अमेरिकी कराजदूत के कार्यभार संभालने को प्राथमिकता दी है. समाचार साधनों में सामान्य कार्यक्रम चल रहा है.

NO FLASH US-Truppenabzug aus dem Irak

अपने सैनिकों की वापसी के साथ अमेरिका इराक में युद्धक कारर्वाई समाप्त कर रहा है. कम से कम औपचारिक रूप से. हालांकि अमेरिका और इराक सरकार का समझौता कुछ और कहता है, प्रेक्षकों का मानना है कि अमेरिकी टुकड़ियां लंबे समय तक इराक में रहेंगी, क्योंकि इराकी सेना सुरक्षा देने की हालत में नहीं है. इराक के सवा दो लाख सैनिक कम प्रशिक्षित, अनुशासनहीन और प्रेरणाहीन माने जाते हैं. पिछले सप्ताह ही इराकी सेना प्रमुख ने भी कहा था कि कम से कम 2020 तक अमेरिकी सैनिकों को इराक में रहना होगा. पिछले महीनों में हमलों की संख्या बढ़ी है और पहली बार एक साल के मुकाबले अधिक लोग हताहत हुए हैं. इराक में राहत कार्यों के संयोजक माइक मैकडोनाग्म कहते हैं कि यदि इराक में प्रतिनिधि सरकार हो तो अमेरिकियों की जरूरत नहीं होगी.

इस साल मार्च में संसदीय चुनाव हुए लेकिन पांच महीने बाद भी सरकार बनाने पर सहमति नहीं हुई है. साझा सरकार बनाने की अंतिम बातचीत पिछले मंगलवार को टूट गई. देश में सुरक्षा और स्थिरता के लिए सरकार बनाने पर सहमति जरूरी है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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