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दुनिया

इराक में भारतीय नर्सें रिहा

चरमपंथियों के कब्जे में फंसी भारत की करीब 50 नर्सें रिहा कर दी गई हैं. वे भारत के लिए उड़ान भरने वाली हैं और शनिवार को वहां पहुंच जाएंगी. लेकिन कुछ भारतीय अभी भी आइसिस के कब्जे में हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के सहयोगी पी सिवदसन ने बताया कि इन नर्सों को मोसूल से छुड़ा कर इरबील ले आया गया है, जो वहां से 80 किलोमीटर दूर है. अब उन्हें भारत लाने का काम शुरू कर दिया गया है. चांडी और सिवदसन दोनों ने कुछ नर्सों से बात भी की है. सभी नर्सें केरल की हैं.

इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है. इन नर्सों को इसी महीने तिकरीत के एक अस्पताल से अगवा कर लिया गया था. बाद में उन्हें मोसूल ले जाया गया. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक भारतीय राजनयिकों की एक टीम पहले से ही इरबील में मौजूद है, जो नर्सों को लेकर भारत जाएगी. इराक का इरबील इलाका कुर्दों के कब्जे वाली जगह है.

भारतीय राजनयिक ने बताया कि नर्सों का यह ग्रुप उन 39 भारतीयों से अलग है, जो आइसिस आतंकवादियों के कब्जे में हैं. उन्हें मोसूल में पकड़ा गया है और उन्हें छुड़ाने की कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं. भारत का अनुमान है कि उसके 120 नागरिक इराक में मुश्किल में हैं. इराक में करीब 10,000 भारतीय रहते हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने ही कहा है कि काम के लिए वह किसी भारतीय को इराक जाने की इजाजत नहीं देगा, जबकि दूसरी वजहों से इराक जाने वालों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा टाल दें. इराक में पिछले महीने आइसिस के आक्रामक होने के बाद से 2000 लोग हिंसा में मारे जा चुके हैं.

एजेए/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)