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खेल

इरफान पर बिफरे अफरीदी

इंग्लैंड से दूसरा मैच हारने के बाद पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी ने वन डे इंटरनैशनल में रिव्यू पद्धति लागू करने की मांग की है. साथ ही यह भी कहा है कि मोहम्मद इरफान की भूल महंगी साबित हुई.

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एक के बाद एक हार से निराश

एक रोमांचक मैच में इंग्लैंड ने पांच वन डे मैचों की श्रृंखला का दूसरा मैच तीन गेंद रहते चार विकेट से जीत लिया और 2-0 की बढ़त पा ली है. खेल का परिणाम कुछ और हुआ होता, अगर सात फुटिया तेज गेंदबाज इरफान ने शॉर्ट फाइन लेग पर इग्लैंड के कप्तान एंड्रू स्टाउस का कैच ड्रॉप नहीं किया होता जब उन्होंने सिर्फ 23 रन बनाए थे.

बाद में स्टाउस ने 126 रन बनाए और पाकिस्तान के 8 विकेट पर 294 रनों के जवाब में इंग्लैंड ने अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर जीत के लिए आवश्यक 295 रन बना लिए. स्ट्राउस को दूसरा जीवनदान तब मिलता लगा, जब तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की गेंद पर विकेट कीपर कामरान अकमल ने अपनी दाईं ओर डाइव कर एक हाथ से कैच ले लिया. लेकिन वेस्ट इंडीज के अंपायर बिली डॉक्ट्रोव ने स्ट्राउस को नॉट आउट करार दिया. टेस्ट क्रिकेट में लोकप्रिय होती रिव्यू पद्धति डीआरएस को अभी एक दिवसीय मैचों में लागू नहीं किया गया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान अंपायर के फैसले को चुनौती नहीं दे पाया.

डीआरएस के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तानी कप्तान अफरीदी ने कहा, "यह इस तरह के मैचों और इस तरह की बड़ी सीरीज में अच्छा रहेगा." लेकिन स्ट्राउस ने कहा, "मैं यकीन से नहीं कह सकता कि बॉल ने मेरे दस्ताने को छुआ था. फैसला करने के लिए अंपायर होते हैं."

पाकिस्तान की टीम कई सालों से खराब फील्डिंग के कारण परेशान रही है. आपा खोए कप्तान अफरीदी ने कहा, "मैं इस बंदे (इरफान) से सचमुच मायूस हूं. क्रिकेट सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी नहीं है, आजकल क्षेत्ररक्षण बहुत महत्वपूर्ण है. यदि वह मैदान पर अच्छा करता है तो मैं उसे एक मौका दे सकता हूं लेकिन मैं खुश नहीं हूं."

एक ब्रिटिश अखबार द्वारा लगाए गए स्पॉट फिक्सिंग आरोपों के कारण पाकिस्तान का यह दौरा विवादों में है. न्यूज ऑफ द वर्ल्ड द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आईसीसी ने कप्तान सलमान बट और दो गेंदबाजों मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ को सस्पेंड कर दिया है. लेकिन मैदान पर अपनी टीम का समर्थन करने के लिए साढ़े 18 हजार फैंस मौजूद थे और इंग्लैंड के समर्थकों ने भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को हूट नहीं किया.

रिपोर्ट: एजेंसिया/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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