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विज्ञान

इबोला प्रभावित देशों में 5 लाख भूखे

पश्चिम अफ्रीका में इबोला महामारी से खाद्य आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार 5 लाख लोगों के पास पर्याप्त भोजन नहीं है और तुरंत कुछ ना किया गया तो मार्च तक यह संख्या 10 लाख हो जाएगी.

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन और विश्व खाद्य कार्यक्रम के मुताबिक इबोला प्रभावित इलाकों में खाद्य आपूर्ति की समस्या पर तुरंत ध्यान दिए जाने की जरूरत है. अफ्रीका में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के क्षेत्रीय प्रतिनिधि बुकर तिजानी बताते हैं, "प्रकोप ने वर्तमान खाद्य उत्पादन प्रणाली की कमजोरियों को उजागर किया है." गिनी, लाइबेरिया और सियेरा लियोन में सीमाएं बंद कर दी गई हैं, मरीजों को अलग थलग रखा जा रहा है और शिकार पर पाबंदी लगा दी गई है. फसल बर्बाद होने, उत्पादन और आपूर्ति श्रंखला के टूटने के कारण इन देशों में खाद्य सुरक्षा की स्थिति खराब है. इसके अलावा महामारी ने इन तीनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है और इस वजह से इनके पास आवश्यक खाद्य आयात के भुगतान के लिए कम पैसे बचे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने क्षेत्र में दोबारा खेती शुरू करने के लिए दान दाताओं से आगे आने का आग्रह किया है. दान के पैसे से बीज, उर्वरक और खेती की प्रोद्योगिकी हासिल की जा सकेगी. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है कि लोगों को नकद और वाउचर दिए जाए ताकि बाजार में गतिविधियां बढ़ें.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने पश्चिम अफ्रीका में इबोला प्रभावित चार देशों का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लिया. दो दिवसीय दौरे पर गए मून ने लाइबेरिया और सियेरा लियोन में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की निष्ठा की सराहना की.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इबोला संक्रमण के 19,031 मामले सामने आए हैं. इनमें से अब तक 7,373 लोगों की मौत हो चुकी है. केवल सियेरा लियोन में ही पिछले हफ्ते इबोला पीड़ितों के 327 नए मामले सामने आए हैं जिनमें सबसे अधिक 125 मामले राजधानी फ्रीटाउन के हैं. हालांकि डब्ल्यूएचओ ने यह बताया है कि पश्चिमी अफ्रीकी देशों में इबोला के फैलाव पर नियंत्रण के लिये एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है और इसके चलते इबोला के मामलों में पहले के मुकाबले कमी आई है.

एए/ आरआर (डीपीए, रॉयटर्स)

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