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दुनिया

इबोला के लिए अस्पताल कितने तैयार

अमेरिका में एक और नर्स को इबोला हो जाने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पश्चिमी देशों के अत्याधुनिक अस्पताल इबोला को रोक पाने की हालत में हैं.

इबोला के ताजा मामले से पता चलता है कि बेहतरीन तकनीक और सुरक्षा के सभी इंतजामों के बावजूद गलती की गुंजाइश है. संक्रमण उस नर्स को हुआ है जो लाइबेरिया से लाए गए व्यक्ति का इलाज कर रही थी. थॉमस एरिक डंकन नाम के इस व्यक्ति की पिछले हफ्ते मौत हो गयी. नर्स का कहना है कि इलाज के दौरान उन्होंने पूरा समय सेफ्टी सूट पहन कर रखा, इसलिए वह नहीं समझ पा रही हैं कि संक्रमण कैसे हुआ.

आइसोलेशन यूनिट में इलाज

अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अध्यक्ष डॉक्टर थॉमस फ्रीडन अब तक कहते आए हैं कि अमेरिका का हर अस्पताल इस हालत में है कि इबोला के मरीजों को वहां रखा जा सके. लेकिन ताजा मामलों को देखते हुए उनका रुख भी बदला सा लग रहा है और वे खास आइसोलेशन सेंटर की पैरवी करने लगे हैं. हालांकि डंकन इकलौते ऐसे इबोला के मरीज थे जिन्हें अलग आइसोलेशन यूनिट में रखा गया था. उससे पहले अमेरिका में इबोला संक्रमित पांच लोगों का इलाज सामान्य अस्पतालों में किया जा चुका था. बावजूद इसके डंकन को बचाया नहीं जा सका और उनके संपर्क में आई नर्स भी बीमार हुई.

संक्रमित रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर डेनिस माकी का कहना है कि छोटे अस्पतालों में इबोला के इलाज की अनुमति देना सही नहीं है. उनका मानना है कि केवल बड़े अस्पताल ही इस हालत में हैं कि इबोला से निपट सकें, "अगर हम ऐसे अस्पतालों में इलाज करने लगे जहां सभी संसाधन ना हों, तो हम बीमारी को फैलने का और मौका देने लगेंगे." वहीं सीडीसी के साथ काम कर चुकी डॉक्टर ईलीन फैरनन का कहना है कि मरीजों को आइसोलेशन सेंटर तक ले जाना भी खतरे से खाली नहीं है.

सुरक्षा सूट के बावजूद खतरा

इबोला के मरीजों की देखभाल करते समय सुरक्षा सूट पहनना अनिवार्य है. सूट को पहनने के लिए भी दिशा निर्देश हैं. इस सूट में पूरे शरीर को ढकने वाला गाउन, दो जोड़ी दस्ताने, चहरे का मास्क और आंखों को बचाने के लिए चश्मे होते हैं. डॉक्टर डेनिस माकी बताते हैं कि इसे पहनते और उतारते समय एक स्वास्थ्यकर्मी साथ में मौजूद रहता है जो सुनिश्चित करता है कि सभी निर्देशों का पालन किया गया है.

अमेरिका में अब यह जांच चल रही है कि जिस नर्स को संक्रमण हुआ है क्या उसने सुरक्षा सूट ठीक तरह उतारा था. डॉक्टर ईलीन फैरनन कहती हैं, "सूट को उतारना जोखिम भरा काम है. हर स्टेप के बाद आपको एंटीसेप्टिक से हाथ धोने होते हैं या फिर आप पर क्लोरीन स्प्रे किया जाता है."

ऐसे में मुमकिन है कि उतारते समय सूट किसी सतह को छू जाए और उसे संक्रमित कर दे. अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्यलूएचओ ने इस बीच "इबोला को आधुनिक समय में देखी गई सबसे गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थिति" बताया है.

आईबी/एएम (एपी)

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