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खेल

इतिहास रचने की राह पर बॉस्टन मैराथन

आतंकवाद को जवाब देने के लिए इस बार 36,000 लोग बॉस्टन मैराथन में हिस्सा ले रहे हैं. पिछले साल इसी रेस में धमाका हुआ था.

अमेरिका के बॉस्टन में मैराथन रेस तो कई सालों से हो रही है लेकिन पिछले साल हुई रेस को शायद ही कोई भूल सके. प्रेशर कूकर में रखे बम के कारण तीन लोगों की मौत हुई और 260 घायल हुए. पिछले साल हुए आतंकवादी हमले से लोगों में खौफ नहीं है, बल्कि अब वे इससे खुद को और जोड़ना चाहते हैं.

इस बार 36,000 लोगों ने रेस के लिए नाम रजिस्टर कराया. आयोजकों ने 27,000 की सीमा तय की थी लेकिन लोगों के उत्साह को देख कर इसे बढ़ाना पड़ा. इनमें से कई लोग मैराथन में दौड़ने नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अपना समर्थन दिखाने के लिए हस्ताक्षर करने पहुंचे.

पिछले साल विजेता रहीं केन्या की रीटा जेप्टू का कहना है, "पिछले साल मैं जीत कर भी अपनी खुशी नहीं दिखा पाई. लोग जख्मी थे और बच्चों की जानें गईं."

दुनिया के कई हिस्सों में मैराथन का चलन नया है. लेकिन बॉस्टन की यह दौड़ एक सदी से भी ज्यादा पुरानी है और दुनिया की सबसे पुरानी मैराथन रेस में शामिल है. बॉस्टन मैराथन 118 सालों से हो रही है. इस बार फर्क यह है कि अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा की गई है. रेस के 26.2 मील के रास्ते पर 100 से ज्यादा कैमरे लगाए गए.

स्थानीय पुलिस का कहना है कि वे संदेश देना चाहते थे कि लोग मौज मस्ती करने भी बॉस्टन आ सकते हैं.

आईबी/एजेए (एएफपी, रॉयटर्स)

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