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खेल

इतिहास में दर्ज हुए मैजिकल मेसी

साल के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर का खिताब लगातार चार बार जीतने के बाद चर्चा है कि क्या लियोनेल मेसी फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं. वैसे कई निजी रिकॉर्ड बना चुके मेसी की अर्जेंटीना टीम ने कभी वर्ल्ड कप नहीं जीता है.

स्पेनी फुटबॉल क्लब बार्सिलोना की ओर से खेलने वाले मेसी चौथी बार जीते तो हैं, लेकिन इस बार जीत का अंतर पिछले साल से कम रहा है. दूसरे नंबर पर उनके पुराने प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ही रहे, जिन्हें पिछले साल से ज्यादा 23.68 अंक मिले, जबकि मेसी के खाते में इस बार केवल 41.6 अंक पड़े. तीसरे नंबर पर बार्सिलोना के इनयेस्ता जरूर हैं लेकिन उन्हें सिर्फ 10.91 वोट ही मिले. इससे पहले किसी भी फुटबॉलर ने यह खिताब चार बार नहीं जीता है जबकि मेसी ने लगातार चार बार इस खिताब पर कब्जा किया है.

फ्रांसीसी स्टार रह चुके मिशेल प्लातिनी ने 1983 से 1985 के बीच लगातार तीन बार यह खिताब जरूर जीता लेकिन चौथा खिताब पाने में नाकाम रहे. मेसी न सिर्फ यह करिश्मा कर चुके हैं, बल्कि उन्होंने यह काम बहुत कम उम्र में कर दिखाया है, सिर्फ 25 साल की उम्र में. मेसी से पहले आखिरी बार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2008 में खिताब जीता था. उसके बाद जैसे बैलोन डे'ओर पर मेसी ने कब्जा कर लिया है.

स्पेनी रेडियो का कहना है कि अब तो मेसी ने इसे जीतने की आदत बना ली है, "कितने साल तक वह लगातार यह खिताब जीतेंगे, पांच या छह बार और. अगर ऐसा होता है, तो गजब होगा. ऐतिहासिक होगा." मेसी के अलावा नीदरलैंड्स के योहान क्रूयुफ और मार्को फान बैस्टन ने भी तीन बार यूरोपीय फुटबॉलर ऑफ द ईयर का अवार्ड जीता है. फीफा से जुड़ाव के पहले पुरस्कार का यही नाम हुआ करता था. हालांकि उन्होंने लगातार तीन बार यह खिताब नहीं जीता.

मेसी के साथ पुर्तगाल के रोनाल्डो को मौजूदा वक्त का शानदार फुटबॉलर माना जाता है. कई बार चर्चा रहती है कि मेसी और रोनाल्डो में नहीं बनती. लेकिन खिताब जीतने के बाद मेसी ने कहा, "मैं क्रिस्टियानो के खिलाफ मुकाबला नहीं करता हूं. मैं कई बार कह चुका हूं कि मैं अपनी टीम के लिए खेलता हूं."

क्रूयुफ, प्लातिनी और फान बैस्टन के अलावा फ्रांस बेकनबावर, केविन कीगन, अलफेड्रो डी स्टीफानो और कार्ल हाइंस रुमिनिगे ने यह खिताब दो बार जीता है. लगातार चार बार खिताब जीतने के बाद स्पेनी मीडिया मेसी को अब तक का सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर भी कहने से नहीं हिचकिचा रहा है. मार्का का कहना है, "वह इतिहास के सर्वश्रेष्ठ हैं."

हालांकि मेसी खुद इस बात को लेकर ज्यादा नहीं कहते. उनका कहना है कि 2012 उनके लिए ज्यादा अच्छा साल नहीं रहा और वे निजी रिकॉर्ड बनाने से ज्यादा टीम की जीत में भरोसा रखते हैं. 2012 में न तो अर्जेंटीना की टीम ने कोई कमाल किया और न ही उनकी बार्सिलोना टीम चैंपियंस कप जीत पाई. हालांकि इसी दौरान उन्होंने जर्मन फुटबॉलर गैर्ड मुलर के एक ही साल में 85 गोल के रिकॉर्ड को जरूर तोड़ा.

क्या है बैलोन डे'ओर

तीन साल पहले 2010 में फ्रांस के बैलोन डे'ओर और फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर के पुरस्कार को मिला दिया गया और इसमें दुनिया भर के खिलाड़ियों को शामिल होने का मौका दिया गया.

1956 में शुरू हुआ यह पुरस्कार पहले यूरोप के किसी राष्ट्रीय लीग के खिलाड़ी को ही दिया जाता था. 1995 के बाद से खिलाड़ियों का यूरोपीय होना जरूरी नहीं रह गया लेकिन उन्हें यूरोप में खेलना जरूरी था. बाद में 2007 में इस नियम को भी बदल दिया गया और इसे पूरी दुनिया के फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया.

अब दुनिया भर की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टीमों के कोच और कप्तानों को वोटिंग का अधिकार दे दिया गया है, जैसा कि पहले फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर के लिए किया जाता था. इसके अलावा पत्रकारों को भी वोटिंग अधिकार दिए गए, जो पहले फ्रांस के बैलोन डे'ओर के लिए मत देते थे.

मेसी के लक्ष्य

तो अब मेसी के लिए क्या बचा है. चैंपियंस लीग में उनके पास अभी राउल का रिकॉर्ड तोड़ना बाकी है. हालांकि 71 गोल के इस पैमाने से वह सिर्फ 15 गोल पीछे हैं. वह स्पेनी लीग ला लीगा के टेलमो जारा के रिकॉर्ड से भी पीछे हैं. जारा ने 1940 और 1955 के बीच 251 गोल किए हैं.

लीग फुटबॉल में भले ही मेसी लाजवाब हों लेकिन उन्हें अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ कामयाबी हासिल करनी है. मेसी जब 17 साल के थे, तो स्पेन की टीम ने उन्हें अंडर 18 राष्ट्रीय टीम में लेने की कोशिश की थी, लेकिन मेसी ने अपने जन्म के देश यानी अर्जेंटीना के लिए खेलने का फैसला किया. पिछले पांच साल में स्पेन ने जैसी कामयाबी हासिल की है, उसके बाद शायद मेसी को इसका अफसोस होता होगा. इसी दौरान अर्जेंटीना विश्व फुटबॉल में पिछड़ गया.

मेसी ने खिताब जीतने के बाद एक बार फिर कहा कि अर्जेंटीना उनकी प्राथमिकता है, "मैं अपनी कामयाबी से ज्यादा टीम की जीत में विश्वास रखता हूं. अर्जेंटीना के साथ मेरा लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करना है. हमें जल्द से जल्द 2014 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है, ताकि हमें तैयारी का पूरा मौका मिले."

एजेए/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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