1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

इतिहास में आज:19 जून

स्कूल में आपने पास्कल नाम जरूर पढ़ा और सुना होगा. आज ही के दिन पैदा हुए फ्रांसीसी गणितज्ञ, लेखक और दर्शनशास्त्री ब्लेज पास्कल ने द्रव को समीकरणों में बांधकर विज्ञान को नया आयाम दिया.

default

19 जून 1623 को फ्रांस के क्लेरमोंट-फेरां में जन्मे ब्लेज पास्कल ने द्रव के दबाव और निर्वात के अहम समीकरण गढ़े. तीन साल की उम्र में पास्कल ने अपनी मां को खो दिया. मां की मौत के बाद पिता एतियेन पास्कल ने अपने बच्चे की बड़े सलीके से परवरिश की. पेशे से टैक्स सलाहकार पिता छोटे पास्कल को पढ़ाते थे. अपने पिता का काम काज आसान करने के लिए पास्कल के मन में कई बार जोड़ घटाने और गुणा भाग करने मशीन बनाने की इच्छा होती रही.

1942 में किशोरावस्था में ही पास्कल गणना करने वाली मशीन बनाने में जुट गए. तीन साल की मेहनत के बाद उन्होंने 50 मॉडल तैयार किये. इस लिहाज से पास्कल को ही आधुनिक कैलकुलेटर का जनक कहा जाता है. अगले दस साल में उन्होंने 20 ऐसी मशीनें बनाईं जिन्हें पास्कल कैलकुलेटर या पास्कलीन कहा जाने लगा. उन्हीं के समीकरण को पास्कल ट्राइएंगल कहा जाता है. उन्होंने आधुनिक प्रोबेबिलिटी या संभावना का सिद्धांत भी रचा.

39 साल की उम्र में उन्होंने गणित और विज्ञान को काफी कुछ दे दिया. पेट के ट्यूमर से लड़ रहे पास्कल ने 19 अगस्त 1662 को अपनी बहन के घर में दुनिया को अलविदा कहा.