1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

इतिहास में आज: 9 जनवरी

19वीं शताब्दी के सबसे साहसी यूरोपीय शासकों में गिने जाने वाले नेपोलियन बोनापार्ट तृतीय की मृत्यु 1873 में आज ही के दिन हुई थी.

चार्ल्स लुई नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस के पहले शासक नेपोलियन पहले के भाई लुई बोनापार्ट के तीसरे बेटे थे. उनका जन्म 1808 में पैरिस में हुआ. 1815 में जब नेपोलियन प्रथम का शासन खत्म हुआ तो वह अपनी मां के साथ स्विट्जरलैंड चले गए. उनका काफी बचपन जर्मनी और इटली में भी बीता. सत्ता दोबारा हासिल करने की बात हमेशा लुई नेपोलियन के दिमाग में रही. इसलिए 1832 में उन्होंने संघर्ष शुरू किया और खुद को और अपनी सोच को लोगों के सामने लाने के लिए राजनीति और सैन्य मामलों पर कई लेख लिखे. उनकी कई कोशिशें विफल रहीं. 1846 में उन्हें देश छोड़ कर इंग्लैंड चले जाना पड़ा. लेकिन उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा.

1848 की क्रांति के बाद 1850 में लुई नेपोलियन तृतीय फ्रांसीसी गणराज्य के पहले राष्ट्रपति चुने गए. 1852 तक राष्ट्रपति पद संभालने के बाद वह दोबारा शासक के तौर पर स्थापित हुए और 1870 तक बने रहे. 1870 में फ्रांस के प्रशिया के साथ युद्ध में उनकी हार हुई. इसके साथ ही फ्रांस में तृतीय गणराज्य की स्थापना हुई. बंदी बनाकर कुछ महीने उन्हें जर्मनी में रखा गया और उसके बाद इंग्लैंड भेज दिया गया जहां 9 जनवरी 1873 को उनकी मृत्यु हो गई.

DW.COM

संबंधित सामग्री