इतिहास में आज: 8 अक्टूबर | ताना बाना | DW | 07.10.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज: 8 अक्टूबर

1871 में दो दिनों तक धधकती रही भाषण आग में सैकड़ों लोग मारे गए और लाखों बेघर हो गए.

साल 1871 में आज के दिन अमेरिका के शिकागो शहर में भयंकर आग लगी थी. कहा जाता है कि शिकागो के एक परिवार पैट्रिक और कैथरीन ओलियरी की गाय से बाड़े में उसके पास रखी लालटेन को ठोकर लगी और उससे आग लग गई. वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इस आग के पीछे किसी इंसान का हाथ था या फिर यहां कोई धूमकेतू गिरा था. आग लगने का सही कारण निश्चित रुप से कभी पता नहीं चल सका.

दो दिन तक लगी रही इस आग ने 200 से 300 के करीब लोगों की जान ले ली. इसके अलावा 17,450 घर बर्बाद हुए और करीब एक लाख लोग बेघर हो गए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उस वक्त करीब दो करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था. यह रकम आज की तारीख में कई अरब डॉलर होगी.

इस भीषण आग की चपेट में आकर शहर का करीब चार वर्ग मील का इलाका तबाह हो गया. खुश्क मौसम और वहां मौजूद कई लकड़ी की इमारतों और रास्तों के कारण शिकागो पर आग का कहर और बुरी तरह टूटा.

1870 में इस शहर में हर दिन औसतन दो जगह आग लगा करती थी. 1871 की इस भयंकर आग से एक हफ्ते पहले भी वहां बीस जगहों पर छोटी मोटी आग लगने की खबरें आईं थीं. आग बुझने के बाद घरों और दूसरी इमारतों को आधुनिक तरीके से बनाने की कोशिशें शुरु हुई. वास्तुकारों की इसी आधुनिक सोच के चलते शिकागो में दुनिया की पहली गगनचुंबी इमारतें बनीं. इससे शहर में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं और जनसंख्या में भी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई.

1893 आते आते शिकागो 15 लाख की आबादी वाला अमेरिका का एक प्रमुख आर्थिक और यातायात का केंद्र बन चुका था. आग लगने के बाद से कैथरीन ओलियरी ने अपना पूरा जीवन एकांत में बिताया और 1895 में एकांतवास में ही उनकी मौत हो गई. 1997 में शिकागो सिटी काउंसिल ने उन्हें और उनकी गाय को दोषमुक्त करार दिया.

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