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ताना बाना

इतिहास में आज: 7 अगस्त

51 फीट लंबाई, 8 फीट ऊंचाई और पांच टन का वजन, यह किसी गाड़ी के बारे में नहीं बल्कि पहले स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर हार्वर्ड मार्क वन की बात हो रही है. आज ही के दिन इस कैलकुलेटर को पहली बार पेश किया गया था.

इसका श्रेय अमेरिकी कंपनी आइबीएम को जाता है. ऑटोमैटिक सीक्वेंस कंट्रोल्ड कैलकुलैटर (एएससीसी) का आयडिया हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रहे होवर्ड एच आइकन ने 1930 में पेश किया. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आइबीएम ने इस आयडिया पर काम करना शुरू किया.

आइकन ने पहले इस कैलकुलेटर का प्रस्ताव हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग, फिर एक दूसरी मशीन कंपनी मोनरो और वहां भी नाकाम होने के बाद आइबीएम के सामने रखा. प्रस्ताव आइबीएम को पसंद आया और आइबीएम इंवेंटर्स एंड साइंटिस्ट्स के डीन जेम्स ब्राइस ने कंपनी के मुख्य इंजीनियर क्लेयर डे लेक को 1939 में इस पर काम करने को कहा. आइकन भी इस प्रोजेक्ट पर उनके साथ काम कर रहे थे. फरवरी 1944 में कैलकुलेटर के मशीनी हिस्सों को अलग अलग शिप पर सवार कर हार्वर्ड भेजा गया और कंपनी ने 7 अगस्त 1944 को यूनिवर्सिटी को यह कैलकुलेटर भेंट किया. इसकी लागत दो लाख डॉलर आई थी. उसके ऊपर से एक लाख डॉलर कंपनी ने यूनिवर्सिटी को कैलकुलेटर पर काम करने के लिए दिया.

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