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ताना बाना

इतिहास में आज: 29 मार्च

सन 1857 में आज ही के दिन भारत में अंग्रेजी शासन के खिलाफ पहला विद्रोह हुआ था. इसे सैनिक विद्रोह कहा गया क्योंकि इस दिन सिपाही मंगल पांडे ने बैरकपुर के परेड ग्राउंड में गोली चलाने से इनकार कर विद्रोह का बिगुल बजाया था.

29 मार्च को बैरकपुर में ईस्ट इंडिया कंपनी के अंग्रेज अफसर पर पहली गोली मंगल पांडे ने चलाई और बाकी सिपाहियों को भी ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला बोलने को कहा. अंग्रेजी सेना ने मंगल पांडे को गिरफ्तार कर लिया और बाद में मुकदमा चलाकर फांसी दे दी. उस समय सेना में लाए गए नए एनफील्ड राइफल और कारतूस को लेकर सिपाही मंगल पांडे ने विरोध जताया था.

माना जा रहा था कि उन कारतूसों को बनाने में गाय और सूअर की वसा का इस्तेमाल किया गया था. ये दोनों ही चीजें हिंदू और मुसलमानों दोनों के लिए अपवित्र मानी जाती हैं. इस विरोध ने पूरे उत्तर भारत में विद्रोह की एक लहर चला दी थी. भारत में इसे आजादी की पहली लड़ाई कहा गया लेकिन ब्रिटिश शासन ने उसे विद्रोह का नाम दिया.

कोलकाता के बाहरी क्षेत्र के बैरकपुर में अंग्रेजी शासन ने 1765 में अपनी पहली छावनी बनाई थी. उसी बैरकपुर परेड ग्राउंड में 8 अप्रैल 1857 को मंगल पांडे को फांसी पर लटका दिया गया. उनके विद्रोह ने मेरठ से दिल्ली तक विरोध की लहर चला दी थी. आजादी का पहला संग्राम विफल रहा. लेकिन इस विद्रोह का असर बहुत व्यापक रहा. सामूहिक नेतृत्व के अभाव के कारण विद्रोह को कुचला भी जा सका. इतिहासकार मानते हैं कि 1857 के विद्रोह ने ही आजादी की लड़ाई की मजबूत नींव रखी थी.