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ताना बाना

इतिहास में आज: 29 अप्रैल

29 अप्रैल 2011 को लंदन का ऐतिहासिक चर्च वेस्टमिनस्टर एबे ब्रिटिश शाही परिवार की शादी का गवाह बना. यह वही जगह थी जहां 63 साल पहले महारानी एलिजाबेथ की शादी हुई.

ब्रिटेन के इतिहास में 350 साल बाद ऐसा हुआ कि एक आम लड़की युवराज की बहू बनी. प्रिंस विलियम और केट मिडिलटेन से शादी के गवाह बने ब्रिटिश शाही खानदान के 50 और दुनिया भर के रजवाड़े से आए दर्जनों खास मेहमानों के अलावा चर्च में करीब 2000 लोग थे. इसके अलावा दुनिया की एक तिहाई आबादी ने इसे टीवी पर देखा.

शादी के लिए जिस वेस्टमिनस्टर एबे चर्च को चुना गया उस मध्ययुगीन चर्च से शाही परिवार का पुराना रिश्ता है. यह वही जगह है जहां 1997 में प्रिंस विलियम की मां डायना की आखिरी रस्म अदा की गई. इसके अलावा राजकुमार ने मां का हीरा और नीलम की अंगूठी सगाई के मौके पर ही केट मिडिलटन को भेंट कर दी. ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के उत्तराधिकारियों में प्रिंस विलियम दूसरे नंबर पर हैं. इस शाही जोड़े का अब एक बेटा भी है. प्रिंस जॉर्ज के पैदा होने पर दुनिया भर की मीडिया ने बहुत दिलचस्पी दिखाई. यहां तक कि अस्पताल के बाहर कई दिनों तक लोग खड़े रहे और राजकुमार विलियम, उनकी पत्नी केट और उनके पहले बच्चे जॉर्ज के बाहर आने का इंतजार किया.

इस शाही शादी में ऐसी खबरें भी आईं कि आर्थिक मंदी से जूझ रहा ब्रिटेन शादी की तैयारियों में डूब कर आर्थिक समस्याओं को दरकिनार कर रहा है. शादी में ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की और 15 कॉमनवेल्थ देशों से गवर्नर जनरलों के अलावा स्कॉटलैंड, वेल्स, उत्तरी आयरलैंड के प्रमुख नेता भी आमंत्रित थे.

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