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ताना बाना

इतिहास में आज: 29 अक्टूबर

ऑटोमन साम्राज्य के खत्म होने के एलान के साथ ही तुर्की में संसदीय लोकतंत्र ने अपने पैर जमा लिए और आज ही के दिन देश गणराज्य बना.

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य ने केंद्रीय शक्तियों की ओर भाग लिया और उसकी बुरी तरह से हार हुई. विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद सेवर्स की संधि से ऑटोमन साम्राज्य का विभाजन कर दिया गया और तुर्की पर यूरोपीय शक्तियों का अधिकार हो गया. इसके खिलाफ देश में तुर्की राष्ट्रवादी आंदोलन की शुरुआत हुई. सैन्य कमांडर मुस्तफा कमाल अतातुर्क के नेतृत्व में तुर्की का स्वतंत्रता आंदोलन चला.

18 सितंबर, 1922 को यूरोपीय शक्तियों को देश से बाहर निकाल दिया गया. 1 नवंबर को नई संसद ने सल्तनत की समाप्ति का एलान कर दिया, जिसके साथ ही 623 साल पुराने ऑटोमन साम्राज्य का अंत हो गया. 29 अक्टूबर, 1923 को देश में गणराज्य की स्थापना की गई और मुस्तफा कमाल अतातुर्क देश के पहले राष्ट्रपति बने. उन्होंन देश में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार किए और देश को धर्मनिरपेक्ष घोषित कर दिया. क्रांति के बाद मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने ऑटोमन साम्राज्य के धार्मिक प्रभाव से लोगों को दूर करने के लिए अंकारा को राजधानी बनाया.

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