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ताना बाना

इतिहास में आज: 25 दिसंबर

बिना कुछ बोले मूक पिल्मों के माध्यम से सालों तक दुनिया भर के लोगों का मनोरंजन करने वाले महान कलाकार चार्ली चैपलिन का देहान्त आज ही के दिन 1977 में हुआ था.

'सर' चार्ल्स स्पेंसर चैपलिन को मूक फिल्मों के दौर का कॉमिक दिग्गज माना जाता है. चैपलिन ने 88 साल की उम्र में स्विट्जरलैंड के अपने निवास पर अंतिम सांसें लीं. 1975 में चार्ली चैपलिन को नाइटहुड की उपाधि दी गई थी. चार्ली चैपलिन अपने पीछे पत्नी ऊना और आठ बच्चों को छोड़ गए. ऊना अपने समय के मशहूर नाटककार यूजीन ओ'नील की बेटी थीं. बताया जाता है कि चार्ली चैपलिन सोते में ही कोमा में चले गए थे.

निधन के दो दिन बाद उन्हें लुसाने, स्विट्जरलैंड स्थित उनके घर से करीब एक मील दूर दफनाया गया. उनके शरीर की कब्र से चोरी हो गई थी जो करीब 11 हफ्तों तक गायब रहने के बाद मई 1978 में वापस बरामद की गई. इस चोरी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया जो चैपलिन परिवार से मृत शरीर के बदले पैसे ऐंठना चाहते थे.

अभिनेता, लेखक, निदेशक, निर्माता, कंपोजर और कोरियोग्राफर के तौर पर चैपलिन ने करीब 80 फिल्मों में काम किया. इनमें से द गोल्ड रश, सिटी लाइट्स और लाइमलाइट बहुत प्रसिद्ध हैं. चार्ली चैपलिन के जन्म के बारे में कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. लेकिन कहा जाता है कि उनका जन्म 16 अप्रैल 1889 को लंदन में हुआ. मुश्किलों में बीते बचपन के चलते वह 13 साल की उम्र में ही स्टेज शो करने लगे थे. 1916 आते वह प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय कॉमेडियन बन चुके थे. पहले और दूसरे विश्वयुद्ध की मुश्किल घड़ी में चैपलिन की फिल्में लोगों को कुछ पल की हंसी दे रही थीं.

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