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ताना बाना

इतिहास में आज: 22 मई

भारतीय उड्डयन इतिहास में आज का दिन एक काले दिन के तौर पर याद किया जाता है. 2010 में दुबई से मैंगलोर आ रहा एयर इंडिया का विमान आखिरी मौके पर हादसे का शिकार हो गया और इसमें सवार डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.

दुबई से रात नौ बजे उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया का बोइंग 737-800 मैंगलोर एयरपोर्ट पहुंचा. लेकिन वह रनवे से बाहर निकल गया और पहाड़ी इलाके में हादसे का शिकार हो गया. इसमें सवार 160 मुसाफिरों और चालक दल के आठ सदस्यों में से 158 लोगों की मौत हो गई. जबकि आठ लोग आश्चर्यजनक तरीके से बच गए. यह हादसा भारतीय उड्डयन के तीन सबसे खतरनाक हादसों में शामिल हो गया. इससे पहले 1996 में दिल्ली के पास चरखी दादरी में दो विमानों की आकाश में टक्कर हो गई थी, जिसमें 349 लोग मारे गए थे. उसके अलावा 1978 में एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 213 लोग मारे गए थे.

मैंगलोर का एयरपोर्ट भारत के कुछ मुश्किल एयरपोर्टों में शामिल है. किसी विमान के मैंगलोर रनवे से बाहर निकल जाने की यह दूसरी घटना थी. रनवे से बाहर निकलने के बाद जब विमान पहाड़ियों से टकराया, तो बचाव के लिए स्थानीय लोग पहुंचे. लेकिन विमान तब तक कई टुकड़ों में टूट चुका था. हादसे में किसी तरह बचने वाले एक शख्स का कहना था, "विमान दो टुकड़ों में टूट गया और केबिन से गहरा धुआं निकलने लगा. मैं किसी तरह खिड़की से बाहर निकला. मेरे बाद छह और मुसाफिर उसी खिड़की से निकलने की कोशिश करने लगे. बाद में गांववालों ने हमें बचाया."

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