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ताना बाना

इतिहास में आज: 22 अगस्त

दक्षिण अमेरिकी देश चिली की खान में ढाई महीने तक फंसे रहने के बाद खनिकों को जिंदा बाहर निकाला गया. इस पूरे चमत्कारिक बचाव अभियान में 22 अगस्त 2010 को ही पहली बार खनिकों के जीवित होने का सबूत मिला था.

उत्तरी चिली के सैन जोसे में तांबे और सोने की एक खान में पांच अगस्त को एक धमाके के बाद ये खनिक वहां फंस गए. करीब 700 मीटर की गहराई से जमीन पर उनका पहला संपर्क पूरे 17 दिनों के बाद ही हो पाया. खनिकों के जीवित होने का संकेत सबसे पहले 22 अगस्त को मिला, जब खदान की गहराई तक पहुंचने वाले ड्रिल के छोर पर खटखट की आवाज सुनाई दी. जब बचाव दल ने इस ड्रिल को बाहर निकाला, तो उस पर लिखा था, "हम 33 लोग यहां ठीक हैं." फिर एक बोर होल के जरिए खनिकों के रिश्तेदारों के शब्द उनके कानों तक पहुंचने लगे. इसके बाद फाइबर ऑप्टिक लाइन लगाई गई जिसके जरिए फोन और वीडियो बातचीत संभव हुई.

इसके बाद जर्मनी समेत दुनिया भर के कई देशों सें विशेष किस्म की हेवी ड्रिल मशीनें मंगवाई गई और करीब दो महीने तक खुदाई चलती रही. खान से निकलने के बाद इन मजदूरों को निमंत्रणों और प्रस्तावों की झड़ी लग गई और दुनिया भर के लोगों ने उनकी जोखिम भरी लेकिन रोमांचकारी तस्वीरें टेलीविजन पर देखी. पूरी दुनिया के लिए सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात ये रही कि जमीन से करीब 700 मीटर नीचे उन्होंने इतने दिन कैसे गुजारे. असल में ये सब अत्याधुनिक तकनीक की मदद से ही हो पाया. इंजीनियरों ने दो हजार फुट से ज्यादा गहरी खुदाई करवाई जिससे कैप्सूल की शक्ल की एक लिफ्ट उतारी गई. इसी लिफ्ट से पूरे 69 दिनों के बाद सभी खनिकों को जीवित बाहर निकालने में सफलता मिली.

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