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ताना बाना

इतिहास में आज: 22 अगस्त

दक्षिण भारत के शहर मद्रास से ही ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपने विस्तार की नींव रखी थी. जानते हैं क्या हुआ था आज के दिन?

ईस्ट इंडिया कंपनी के आने से पहले मद्रास महत्त्वपूर्ण राजवंशों पल्लव, चोल, पांड्य और विजयनगर की प्रशासनिक, सैनिक और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र हुआ करता था. 22 अगस्त 1639 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने विजयनगर के राजा पेडा वेंकट राय से कोरोमंडल तट चंद्रगिरी में कुछ जमीन खरीदी. वेंकट राय ने अंग्रेजी व्यापारियों को यहां एक फैक्ट्री और गोदाम बनाने की अनुमति दी थी. एक साल बाद ब्रिटिश व्यापारियों ने यहां सेंट जॉर्ज किला बनवाया जो औपनिवेशिक गतिविधियों का गढ़ बना.

1746 में मद्रास और सेंट जॉर्ज के किले पर फ्रांसीसी फौजों ने अपना कब्जा जमा लिया जिसे बाद में ब्रितानी कंपनी ने 1749 में एक्स ला शापेल सन्धि के तहत हासिल कर लिया. अगले तीस सालों में ब्रिटिशों को और भी हमलों से जूझना पड़ा जिसमें मैसूर के राजा हैदर अली से भी अपने इलाके को बचाना शामिल था. अठारहवीं सदी के अंत तक ब्रिटिशों ने सेंट जॉर्ज और आसपास के इलाके का विस्तार कर लगभग पूरे आधुनिक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को अपने अधीन कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने मद्रास प्रेसिडेंसी की स्थापना की और मद्रास को यहां की राजधानी घोषित किया. भारत में ब्रिटिशकाल के दौरान मद्रास एक आधुनिक शहर और महत्त्वपूर्ण बंदरगाह के रूप में विकसित हुआ.

मद्रास का आधुनिक नाम चेन्नई यहां के एक प्रमुख गांव चेन्नापट्टनम पर आधारित है. माना जाता है कि सेंट जॉर्ज किला मद्रासपट्टनम के पास होने के कारण अग्रेजों ने इसे मद्रास नाम दिया था. 1996 में राज्य सरकार ने मद्रास का नाम बदल कर चेन्नई कर दिया.

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