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ताना बाना

इतिहास में आज: 22 अक्टूबर

चांद को छूने के सपने हम सभी बचपन से देखते हैं. भारत ने मानव रहित यान को चंद्रमा पर भेजने के सपने को आज के दिन साकार किया था.

22 अक्टूबर 2008 में भारत के पहले मानव रहित अंतरिक्ष यान चंद्रयान प्रथम ने चांद का रुख किया. चंद्रयान को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था. भारतीय अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण कार्यक्रम में यह 27वां उपक्रम था. इसका कार्यकाल 2 साल के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन 29 अगस्त 2009 को बीच में ही नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूट जाने पर इसे 30 अगस्त को बंद कर दिया गया. भारत से पहले पांच अन्य देश भी चांद पर अंतरिक्ष यान भेज चुके थे.

यह प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया था. चंद्रयान प्रथम ने चंद्रमा की ध्रुवीय कक्षा में स्थापित होकर वहां से रिमोट सेंसिंग के जरिए चित्र भेजे. इसरो ने दावा किया कि चांद पर पानी भारत की खोज है. चंद्रयान मिशन के दौरान जमा किए गए डेटा के आधार पर नासा ने भी इस बात की पुष्टि की. चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता भारत के अपने मून इंपैक्ट प्रोब (एमआईपी) ने लगाया. इसरो के अनुसार चांद पर पानी समुद्र, झरने, तालाब या बूंदों के रूप में नहीं बल्कि चट्टानों की सतह के भीतर मौजूद है. यह एक बड़ी उपलब्धि थी. इसरो इस समय चंद्रयान द्वितीय पर काम कर रहा है जिसे 2016 में प्रक्षेपित किए जाने की संभावना है.

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