इतिहास में आज: 17 अक्टूबर | ताना बाना | DW | 16.10.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज: 17 अक्टूबर

किसी की रहमदिली पर अक्सर आपने भी इस तरह के शब्द सुने होंगे 'तुम्हारा दिल तो मदर टेरेसा जैसा है.' जानते हैं क्या संबंध है मदर टेरेसा का आज की तारीख से?

प्रेम और नर्मदिली का पर्याय कहलाई जाने वाली नन मदर टेरेसा को आज ही के दिन 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. मदर टेरेसा को 1950 में कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना का श्रेय जाता है.

26 अगस्त 1910 को मेसेडोनिया गणराज्य के एक अल्बेनीयाई परिवार में जन्मी मदर टेरसा रोमन कैथोलिक नन थीं. उन्होंने 18 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था. 1929 में वह भारत पहुंचीं. पहले दार्जीलिंग फिर कोलकाता में उन्होंने स्कूल में पढ़ाने का काम किया. 1931 में वह नन बनीं. और फिर आजीवन गरीब, बीमार, अनाथ, और मरते हुए लोगों की मदद की और साथ ही मिशनरीज ऑफ चैरिटी संस्था का प्रसार किया.

1980 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया. मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी में एचआईवी एड्स, कुष्ठ रोग और टीबी के मरीजों की देखरेख की जाती है. साथ ही गरीब और बेसहारा बच्चों के लिए अनाथालय और स्कूल भी चलाए जाते हैं.

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