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ताना बाना

इतिहास में आज: 16 जुलाई

गाडियों को पार्क करने के लिए जगह और वक्त की पर्ची काटने वालों की जगह मशीनें ले चुकी हैं. इन मशीनों की शुरुआत नई नहीं है, बल्कि लगभग 80 साल पहले हुई थी.

इस मशीन को पार्किंग मीटर भी कहते हैं, जिससे पार्किंग का किराया तय होता है. भारत में छोटे शहरों में तो कम लेकिन बड़े शहरों में अब ये पाए जाने लगे हैं. 1935 में आज ही के दिन पहला पार्किंग मीटर अमेरिकी राज्य ओकलाहोमा की राजधानी ओकलाहोमा सिटी में लगाया गया.

आम तौर पर पार्किंग क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग से बचने के लिए नगर पालिका और कई निजी शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में इसका इस्तेमाल होता है. पार्किंग मीटर के शुरुआती डिजाइन का पेटेंट 30 अगस्त 1928 को अमेरिका के रोजर वॉब्सन ने कराया. मीटर को चलाने के लिए इसे पार्क गई गाड़ी की बैटरी से तार के जरिए जोड़ा जाता था. 1935 में जॉर्ज थ्यूसन और जेराल्ड हेल ने पहला इस्तेमाल वाला पार्किंग मीटर बनाया जिसे ओकलाहोमा सिटी में लगाया गया.

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