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ताना बाना

इतिहास में आज: 15 मार्च

भारत समेत दर्जनों देशों में जिस खेल के लिए लोग दीवानगी की सारी हदें पार कर देते हैं, उस खेल का पहला आधिकारिक टेस्ट मैच 15-19 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में खेला गया था. ऑस्ट्रेलिया को 45 रन से जीत मिली थी.

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के अल्फ्रेड शॉ ने पहली गेंद डाली. ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बैनरमैन ने इस गेंद का सामना किया और पहला शतक भी लगाया. बैनरमैन ने इस मैच में 18 चौके लगाकर 165 रन बनाए. बैनरमैन आउट नहीं हुए बल्कि उन्हें चोट लगने के बाद पैवेलियन लौटना पड़ा. इंग्लैंड के गेंदबाज जॉर्ज जूलिएट की गेंद से उनकी एक अंगुली में चोट लग गई और उन्हें पिच से वापस आना पड़ा. बैनरमैन का 165 रनों का स्कोर सात साल तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर रहा. 1884 में ये रिकॉर्ड बिली मर्डोक ने दोहरा शतक लगाकर तोड़ा.

पहले टेस्ट से जुड़ी कई रोचक जानकारियां हैं. इस टेस्ट मैच की कोई समयसीमा नहीं थी. दोनों टीमों को दो दो पारियां खेलनी थीं. चाहे इसके लिए कितने दिन भी लगें. इसी मैच में ऑस्ट्रेलिया के बिली मिडविंटर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार पांच विकेट लिए. इसके बाद इसी मैच में इंग्लैंड के अल्फ्रेड शॉ ने पांच और ऑस्ट्रेलिया के टॉम कैंडल ने सात विकेट लिए.

ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने बैनरमैन की सेंचुरी की बदौलत 245 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 196 रनों पर आउट हो गई. हालांकि ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बैनरमैन चल नहीं पाए और पूरी टीम 104 रनों पर आउट हो गई. दूसरी पारी में इंग्लैंड को जीतने के लिए सिर्फ 153 रन बनाने थे लेकिन पूरी टीम 108 रन बनाकर आउट हो गई. पहला टेस्ट मैच चार दिनों तक खेला गया.

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