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ताना बाना

इतिहास में आज: 13 फरवरी

वह केवल स्वतंत्रता संग्राम की अहम भागीदार ही नहीं कवियित्री भी थीं. उनके भाषण और कविताएं लोगों में देश पर मर मिटने का जज्बा पैदा करते थे. उन्हें देश नाइटिंगेल ऑफ इंडिया कह कर भी पुकारता है.

भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय नेताओं में से एक सरोजिनी नायडू का जन्म आज ही के दिन 1879 में हुआ था. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अहम भूमिका रही, लेकिन उनकी पहचान एक कवि के तौर पर भी है.

उन्होंने अनेक राष्ट्रीय आंदोलनों का नेतृत्व किया और जेल भी गईं. स्वतंत्रता संग्राम में वह गांव शहर घूम कर लोगों में देश प्रेम का जज्बा जगाती रहीं. 1925 में वह कानपुर में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में अध्यक्ष बनीं. भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद वह उत्तर प्रदेश की पहली राज्यपाल बनीं जो कि उस समय आगरा और अवध का संयुक्त प्रांत था.

सरोजिनी नायडू का जन्म हैदराबाद में हुआ था. 12 साल की उम्र में ही उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली. वह अंग्रेजी भाषा में भी खूब लिखती थीं. उन्होंने अंग्रेजी की शिक्षा घर में ही हासिल की. उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय खुद एक वैज्ञानिक और शिक्षाशास्त्री थे. वह कविता भी लिखते थे. सरोजिनी नायडू का पहला कविता संकलन 1905 में प्रकाशित हुआ.

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