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ताना बाना

इतिहास में आज: 11 जुलाई

भारत के पश्चिम बंगाल से अमेरिका प्रवास कर गए परिवार और उसके सामने आने वाली दिक्कतों की कहानी है 'नेमसेक' जिस पर मीरा नायर ने फिल्म भी बनाई थी. जानते हैं नेमसेक का आज के दिन से क्या संबंध है?

फिल्म नेमसेक भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका झुंपा लाहिड़ी की किताब है. झुंपा का जन्म आज ही के दिन 1967 में हुआ था. लघु कथाओं की अपनी पहली ही किताब 'इंटरप्रेटर ऑफ मैलडीज' के लिए झुंपा को 2000 में पुलित्जर पुरस्कार मिला.

लंदन में पैदा हुई लाहिड़ी का परिवार मूल रूप से बंगाली था. झुंपा जब तीन साल की थीं तो उनका परिवार अमेरिका जा कर रहने लगा. उनका साहित्य भी आमतौर पर अप्रवासी भारतीयों के जीवन पर आधारित होता है, जिसमें पात्र मूल रूप से बंगाली होते हैं. उनकी किताब पर बनी फिल्म नेमसेक में ऐसे दंपत्ति का किरदार इरफान कलाकार और तब्बू ने निभाया था.

2008 में उनकी एक और किताब 'अनअकस्टम्ड अर्थ' बाजार में आई. लाहिड़ी लेखकों के लिए अमेरिकी संघ पेन की उपाध्यक्ष भी हैं. उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कला और मानवीयता पर राष्ट्रपति की समिति की सदस्य चुना.

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