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ताना बाना

इतिहास में आज: सात जुलाई

हादसे को अब कुछ ही साल हुए हैं, लेकिन लंदन में 2005 के आतंकवादी हमले ने कई लोगों की जान ली और आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले ब्रिटेन और यूरोप को बुरी तरह हिला दिया.

सुबह आठ और नौ बजे के बीच हर बड़े शहर की तरह लंदन में भी मेट्रो दफ्तर जा रहे लोगों से भरा रहता है. 7 जुलाई 2005 को हजारों लोग काम पर जा रहे थे जब पांच इस्लामी चरमपंथियों ने शहर में अलग अलग जगहों पर चार बम उड़ाए.

हमलों में यह चार आतंकवादी तो मारे गए, लेकिन उनके साथ 50 से ज्यादा लोगों की जाने गईं और सैंकड़ों घायल हो गए. आतंकवादी ब्रिटेन के ही रहने वाले थे और उन्होंने बम अपने बैग में डाले थे. मारे गए लोगों में भारतीय मूल की दो महिलाएं भी शामिल थीं.

चार में से तीन आतंकवादी पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक थे. एक आतंकवादी जमैका में पैदा हुआ और बादमें इस्लाम को अपना लिया. माना जाता है कि इन हमलावरों को उकसाने के पीछे चरमपंथी इमाम अनवर अल अवलाकी का हाथ था. यह यमनी मूल का एक इमाम था लेकिन पैदा अमेरिका में हुआ था. अल अवलाकी को इंटरनेट का बिन लादेन भी कहा जाता है. 2011 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में वह मारा गया.

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