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ताना बाना

इतिहास में आज: छह अगस्त

जापान के हिरोशिमा में आज की सुबह अभूतपूर्व बर्बादी का मंजर लाई. 6 अगस्त 1945 की सुबह ठीक 08:15 बजे अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया.

द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने वाला था और जापान हथियार डालने की कगार पर पहुंच चुका था. तभी मानव इतिहास में पहली बार परमाणु हमला हुआ. अमेरिका के बी-29 बॉम्बर विमान ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम डाल कर पूरी दुनिया में अमेरिकी शक्ति की धाक साबित की. हमले में करीब एक लाख लोग मारे गए. यह दिन मानव इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक बन गया. कुछ ही पलों में वहां विनाश का ऐसा तांडव फैला, जिसकी दूसरी कोई मिसाल नहीं.

बम गिरते वक्त आसमान चमका और एक जोर का धमाका हुआ. शहर के 30 प्रतिशत लोगों की तुरंत मौत हो गई और जो जिंदा बचे, उनमें से सैंकड़ों अपंग हो गए. एटम बम के असर इतने खराब थे कि कई दशकों तक विकलांग बच्चे पैदा हुए. मरने वालों की सूची में उनका नाम भी जोड़ा गया जिन्होंने परमाणु बम के विकिरणों के कारण अपनी जान गंवाई. बम हमले के इतने सालों बाद भी लोग उस परमाणु बम का बुरा असर झेल रहे हैं. करीब सत्तर साल बाद भी इस इलाके में कई बच्चे विकलांग पैदा होते हैं.

इसके बाद 1968 में परमाणु हथियारों का विस्तार रोकने और परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण ढंग से इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए परमाणु अप्रसार संधि या एनपीटी नामका अंतरराष्ट्रीय प्रयास शुरू हुआ. इस पर दुनिया के उन पांच देशों ने हस्ताक्षर किए जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं और ये मानते हैं कि उनके पास परमाणु हथियार हैं. 2010 में पहली बार बम गिराने वाला देश अमेरिका भी इस मौके पर श्रद्धांजली देने हिरोशिमा पहुंचा. माना जाता है कि आज की तारीख में भी कम से कम आठ देशों के पास परमाणु हथियार हैं जिनमें ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राएल, अमेरिका और रूस शामिल हैं.

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